इंदौर। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की इंदौर में आयोजित बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 25,466 करोड़ रुपए का बड़ा बजट पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के ऊर्जा सचिव और कंपनी के पदेन चेयरमैन विशेष गढ़पाले ने की, जिसमें अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े। अगले दिनों में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने, नई परियोजनाएं शुरू करने और मौजूदा ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार और बिजली कंपनी बड़े स्तर पर निवेश करने जा रही है।
गढ़पाले ने की बैठक की अध्यक्षता
यह बजट केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को सुधारने की एक विस्तृत योजना का हिस्सा है। इसमें नए बिजली ग्रिड बनाने, पुराने ग्रिडों को अपग्रेड करने, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने जैसे कार्य शामिल होंगे। इसका फायदा यह होगा कि बिजली की सप्लाई पहले से ज्यादा स्थिर और निर्बाध हो सकेगी, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने बैठक में जोर दिया कि नई परियोजनाओं और निर्माण कार्यों को समय पर पूरा किया जाए।
योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन
उन्होंने कहा कि हमें केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि उनके समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी ध्यान देने की जरूरत है। अगर परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो इसका सीधा लाभ आम जनता, उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा, क्योंकि बिजली किसी भी विकास की मूलभूत आवश्यकता होती है। बजट का एक अहम पहलू यह भी है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जब बड़े पैमाने पर ग्रिड निर्माण और अन्य तकनीकी कार्य होंगे, तो इंजीनियरों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी।










