कुश अग्रवाल- बलौदा बाजार। बारनवापारा वन्य जीव अभयारण्य में काले हिरणों (ब्लैक बक) के पुनर्स्थापन की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। अभयारण्य स्थित ब्लैक बक कंजर्वेशन सेंटर से कुल 34 काले हिरणों को वैज्ञानिक पद्धति के तहत दो चरणों में सफलतापूर्वक उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
यह पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञों की निगरानी में अत्याधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों का पालन करते हुए की गई, जिससे बिना किसी तनाव या व्यवधान के हिरणों को सुरक्षित रूप से वन क्षेत्र में मुक्त किया जा सका। मुक्त किए गए ये सभी हिरण रामपुर ग्रासलैंड क्षेत्र में पहले से मौजूद काले हिरणों के समूह में जाकर शामिल हो गए हैं।
छत्तीसगढ़ में कुछ समय पहले विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुके ब्लैक बक यानी काले हिरणों के झुंड को बार नवापारा अभयारण्य में छोड़ा गया। @BalodaBazarDist #Chhattisgarh #blackbucks @ForestCgGov pic.twitter.com/hGUu12Xiru
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 31, 2026
पारिस्थितिकी तंत्र को मिलेगी मजबूती
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस नए समूह के जुड़ने से क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी और जैव विविधता में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। विभाग द्वारा इन हिरणों की लगातार निगरानी भी की जाएगी, ताकि उनके संरक्षण और विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
छत्तीसगढ़ में विलुप्ति की कगार पर थे काले हिरण
गौरतलब है कि, काले हिरण एक समय छत्तीसगढ़ से लगभग विलुप्त हो चुके थे, लेकिन अब इस पुनर्स्थापन प्रयास के चलते वे एक बार फिर अपने प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र रूप से विचरण करते नजर आएंगे। इस वर्ष कुल 60 ब्लैकबक के पुनर्स्थापन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।









