हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को पुख्ता करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विज्ञापन संख्या 01/2023 के अंतर्गत कॉमन कैडर ग्रुप-डी में नियुक्त हुए 13,246 कर्मचारियों के बायोमीट्रिक सत्यापन का निर्णय लिया गया है। इस प्रक्रिया के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नौकरी पाने वाले उम्मीदवार वही हैं जिन्होंने परीक्षा दी थी। यह सत्यापन कार्य राज्य के अलग-अलग मंडलों में मंडल आयुक्तों की देखरेख में होगा, जबकि पंचकूला के लिए उपायुक्त स्तर पर व्यवस्था की गई है।
मंडलवार और तिथि अनुसार सत्यापन का विवरण
सरकार द्वारा तय किए गए कार्यक्रम के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया अप्रैल माह के अंत में चरणबद्ध तरीके से संपन्न होगी। प्रत्येक मंडल के लिए विशिष्ट तिथियां और उम्मीदवारों की संख्या निर्धारित की गई है:
- अंबाला और करनाल मंडल: सत्यापन अभियान की शुरुआत 20 अप्रैल, 2026 को अंबाला मंडल से होगी, जहाँ 1,451 उम्मीदवारों का डेटा मैच किया जाएगा। इनमें से 1,417 विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात हैं और 34 मंडल आयुक्त कार्यालय से जुड़े हैं। इसके अगले दिन यानी 21 अप्रैल को करनाल मंडल के 1,662 कर्मचारियों का नंबर आएगा, जिसमें 1,584 विभागीय और 78 आयुक्त कार्यालय के कर्मचारी शामिल हैं।
- रोहतक और हिसार मंडल: रोहतक मंडल में उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने के कारण यहाँ दो दिन (22 और 23 अप्रैल) का समय दिया गया है। यहाँ कुल 3,750 कर्मियों का सत्यापन होगा। इसी तरह हिसार मंडल में 24 और 27 अप्रैल को 2,918 उम्मीदवारों की जांच की जाएगी, जिनमें से 2,585 अलग-अलग विभागों में कार्यरत हैं।
फरीदाबाद, गुरुग्राम और पंचकूला का कार्यक्रम
फरीदाबाद मंडल के लिए 28 अप्रैल की तारीख तय की गई है, जहाँ 960 अभ्यर्थियों का बायोमीट्रिक मिलान होगा। गुरुग्राम मंडल में 29 अप्रैल को 1,841 कर्मचारियों को इस प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिनमें 1,801 विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं।सत्यापन प्रक्रिया का समापन 30 अप्रैल, 2026 को पंचकूला में होगा। यहाँ चंडीगढ़, पंचकूला और अन्य कार्यालयों से संबंधित बचे हुए 664 अभ्यर्थियों का डेटा वेरीफाई किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश
राज्य सरकार ने सभी मंडल आयुक्तों और पंचकूला के उपायुक्त को इस कार्य के लिए पर्याप्त स्टाफ और संसाधन जुटाने के निर्देश दिए हैं। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद प्रशासन को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसमें उपस्थित, अनुपस्थित और सफल सत्यापन वाले उम्मीदवारों का पूरा डेटा शामिल होगा।
विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी तय
सभी विभागों के मुखियाओं को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके अधीन कार्यरत ग्रुप-डी कर्मचारियों को निर्धारित तिथि पर सत्यापन केंद्र पर भेजा जाए। प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विभागवार और मंडलवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के भी आदेश दिए गए हैं। ये नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी चयनित कर्मचारी इस महत्वपूर्ण जांच प्रक्रिया से छूट न जाए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रणाली में पूरी तरह से शुचिता बनाए रखना है।
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