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हरियाणा के पानीपत में एसीबी ने एक लाख की रिश्वत के साथ बिचौलिये को रंगें हाथों गिरफ्तार किया है। जिसके बाद सेक्टर 13- 17 के थानेदार बिलासाराम मौके से फरार हो गए। बिचौलिये के पकड़े जाने पर जिले में खाकी एक बार फिर दागदार हुई है।

पानीपत। करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने इंस्पेक्टर तेजपाल की अगुवाई में शुक्रवार को दुष्कर्म के एक मामले से आरोपी को निकलने के लिए ली गई एक लाख की रिश्वत के साथ बिचौलिये धर्मेंद्र को रंगें हाथों गिरफ्तार किया है। बिचौलिये के पकड़े जाने के बाद सेक्टर 13- 17 थाना प्रभारी पकड़े जाने के बाद फरार हो गए। जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए एसीबी टीम तलाश में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक सफलता नहीं मलि पाई एसीबी ने आरोपी से नकदी बरामद करने के बाद केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के बाद दी दबिश

एसीबी करनाल की टीम ने शिकायत के बाद पानीपत में अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। दुष्कर्म के मामले में नामजद एक आरोपी ने एसीबी को शिकायत दी। जिसमें बताया कि उसके खिलाफ दुष्कर्म की एक झूठी शिकायत पर केस दर्ज करवाया गया है। जब उसने सेक्टर 13- 17 थाना पुलिस को हकीकत बताई तो एसएचओ बिलासाराम ने उसे केस से बाहर निकालने के लिए बड़ी रकम की डिमांड की गई। बाद में सौदा एक लाख में तय हुआ। एक लाख रुपये की राशि उसे बिलौलिये को देनी है।

योजना बनाकर बिचौलिये को पकड़ा

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने शिकायतकर्ता को पाउडर लगी एक लाख रुपये की राशि दी तथा बिचौलिये द्वारा बताए गए स्थान पर भेजा। शिकायतकर्ता ने जैसे ही बिचौलिये को रिश्वत के रूप में एक लाख रुपये की राशि दी तो इशारा मिलते ही एसीबी ने छापा मारकर बिचौलिये धर्मेंद्र को रिश्वत की राशि के साथ रंगें हाथों पकड़ लिया। बिचौलिये के पकड़े जाने पर एसएचओ बिलासाराम मौके से फरार हो गया। जिन्हें अपनी गिरफ्त में लेने के लिए एसीबी ने प्रयास किए, परंतु सफलता नहीं मिल पाई। एसीबी फरार एसएचओ की तलाश में जुट गई है।

लाखों लेकर हत्या को हादसा बनाने की थी तैयारी

प्रदेश में खाकी पर दाग लगने का यह पहला मामला नहीं है। आए दिन प्रदेश के किसी ने किसी हिस्से से ऐसे मामले उजागर होते रहे हैं। पानीपत में ही चांदनी बाग थाना के जांच अधिकारी ने हत्या के दो आरोपियों को केस से बाहर निकलाने की तैयारी कर ली थी। जिसमें कबाड़ी की हत्या को हादसा बनाकर हत्या के मामले से दो आरोपियों को बाहर किया जाना था। इस मामले में एसीबी ने थाना प्रभारी के साथ दो जांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया था।;

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