Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवाणे की अप्रकाशित किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' की एक प्री-प्रिंट या पीडीएफ कॉपी के सोशल मीडिया और समाचार प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने की खबरों पर संज्ञान लिया है। पुलिस के अनुसार, इस किताब को अभी रक्षा मंत्रालय से प्रकाशन की मंजूरी नहीं मिली है। किताब जनरल नरवाणे की आत्मकथा है, जिसमें भारत-चीन सीमा विवाद, गलवान घाटी घटना और अग्निपथ भर्ती योजना जैसे मुद्दों पर उनके अनुभव शामिल हैं। यह किताब 2024 से मंजूरी का इंतजार कर रही है, लेकिन हाल ही में इसके अंश लीक होकर वायरल हो गए।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किताब की लीक, उल्लंघन और प्रसार पर FIR दर्ज की है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दावा किया जा रहा था कि किताब की प्री-प्रिंट कॉपी सर्कुलेट हो रही है। जांच में पता चला कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा तैयार की गई किताब की पीडीएफ कॉपी फैल रही है। पुलिस ने कहा कि प्रकाशन की मंजूरी न मिलने के बावजूद इसका प्रसार गैरकानूनी है। जांच जारी है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
किताब में जनरल नरवाणे ने 2020 के भारत-चीन टकराव पर लिखा है, जिसमें राजनीतिक फैसलों में देरी का जिक्र है। इसमें अग्निपथ योजना पर भी उनके विचार हैं। हाल ही में राहुल गांधी ने संसद में किताब के अंश पढ़ने की कोशिश की, जिससे बड़ा विवाद हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताई कि अप्रकाशित किताब से उद्धरण नियमों का उल्लंघन है। किताब अमेजन और फ्लिपकार्ट से हटा दी गई है, लेकिन विदेश में उपलब्ध बताई जा रही है। विपक्ष इसे सेंसरशिप का मामला बता रहा है, जबकि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दे रही है।











