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बॉम्बे हाई कोर्ट ने बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में पंजाब से गिरफ्तार आरोपी आकाशदीप सिंह को जमानत दे दी है। वह इस मामले में राहत पाने वाले पहले आरोपी हैं। जानें कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें।

Baba Siddique Murder Case: बॉम्बे हाई कोर्ट की जस्टिस नीला गोखले ने आकाशदीप सिंह की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने आरोपी पर कई कड़ी शर्तें लगाई हैं। आकाशदीप को अपनी यात्रा पर प्रतिबंधों का पालन करना होगा और नियमित रूप से मुंबई पुलिस के सामने रिपोर्ट देनी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है, तो अभियोजन पक्ष तुरंत जमानत रद्द करने की मांग कर सकता है।

कौन है आकाशदीप और क्या है आरोप?
22 वर्षीय आकाशदीप सिंह पंजाब के फाजिल्का जिले का निवासी है। उसे नवंबर 2024 में पंजाब सीमा से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप था कि वह उस बड़ी साजिश का हिस्सा था जिसे कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने रचा था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, बाबा सिद्दीकी की हत्या का मकसद इलाके में वर्चस्व कायम करना और खौफ पैदा करना था। इस मामले में पुलिस ने कड़ा कानून मकोका (MCOCA) भी लगाया है।

नहीं मिले कोई ठोस सबूत
आकाशदीप के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि पुलिस की चार्जशीट में उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई सीधा सबूत नहीं है। बचाव पक्ष ने कहा कि आकाशदीप पर लगाए गए आरोप अस्पष्ट और निराधार हैं। वकीलों ने दावा किया कि साजिश रचने या अनमोल बिश्नोई से सीधे संपर्क का कोई प्राथमिक प्रमाण पुलिस पेश नहीं कर पाई है। यहाँ तक कि फोन हॉटस्पॉट के इस्तेमाल का दावा भी मुख्य आरोपियों से उनके संपर्क को साबित नहीं करता है।

क्या है पूरा मामला?
12 अक्टूबर 2024 को बांद्रा (पूर्व) में बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अब तक 26 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस साल जनवरी में दाखिल की गई चार्जशीट में अनमोल बिश्नोई को वांछित आरोपी बताया गया है। आकाशदीप ने जुलाई 2025 में निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने साफ किया है कि यह आदेश केवल आकाशदीप के लिए है और अन्य आरोपियों के मामले खुले रहेंगे।

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