Tej Pratap Yadav Padayatra: जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोमवार को पटना में मीडिया से बात करते हुए अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि होली के त्योहार के बाद वे पूरे बिहार की पैदल यात्रा पर निकलेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अपनी पार्टी के संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाना और उसे मजबूती देना है। तेज प्रताप ने कहा कि वे सीधे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान के लिए काम करेंगे।
पीके स्टाइल में संगठन विस्तार की तैयारी
तेज प्रताप की यह योजना चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' यात्रा की याद दिलाती है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जेजेडी और जन सुराज, दोनों ही पार्टियों को एक भी सीट पर सफलता नहीं मिली थी। चुनावी हार के बाद अब तेज प्रताप नए सिरे से युवाओं और ग्रामीणों को अपनी पार्टी से जोड़ने की रणनीति बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस यात्रा से जेजेडी का संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।
परिवार और पार्टी से दूरी के बाद 'जेजेडी' का गठन
लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पिछले साल आरजेडी और परिवार से अनबन के बाद बेदखल कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग राह चुनी और जेजेडी का गठन किया। महुआ सीट से चुनाव हारने के बावजूद वे लगातार सक्रिय बने हुए हैं। हाल ही में मकर संक्रांति पर उनके दही-चूड़ा भोज में सत्ता और विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता को दर्शाया था।
भीतरघात का आरोप और 'जयचंद' पर निशाना
इन दिनों तेज प्रताप अपने बयानों को लेकर भी काफी चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरजेडी के पांच कद्दावर नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इन नेताओं को 'जयचंद' करार देते हुए कहा कि इन्हीं लोगों ने उनके खिलाफ साजिश रची। तेज प्रताप के अनुसार, उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के करीबियों ने मिलकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है। अब वे अपनी पदयात्रा के जरिए विरोधियों को अपनी ताकत का अहसास कराना चाहते हैं।











