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बिलाईगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत आरक्षित नर्सरी में आगजनी की जांच के लिए टीम तो पहुंची, लेकिन कुछ देर बाद चली गई। ऐसे में लीपापोती के आरोप लग रहे हैं।

करन साहू- सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत आरक्षित नर्सरी रेल कॉरिडोर कक्ष क्रमांक 408 में भीषण आगजनी होने की वजह से करीब 42000 पेड़ को नुकसान पहुंचा है। जिसमें बड़ी संख्या में सागौन पेड़ और फलदार पेड़ शामिल हैं। इस घटना के बाद जांच टीम का गठन किया गया. शनिवार को जांच टीम पहुंची तो जरूर, लेकिन बिना जांच किये वापस चले गए।

दरसअल, उपवन मंडल अधिकारी के द्वारा उड़नदस्ता दल प्रभारी को गुरुवार को आदेश जारी करते हुए पत्र लिखा गया है कि बिलाईगढ़ के आरक्षित नर्सरी में भी सड़क की घटना घटित हुई है। उक्त घटना की जानकारी वन परिक्षेत्र अधिकारी बिलाईगढ़ के द्वारा अपने उच्च अधिकारियों को नहीं दिया गया है। संबंध में घटनास्थल पर जांच कर दोषी आरोपी के विरुद्ध कार्यवाही प्रस्ताव तैयार कर जांच प्रतिवेदन कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। लेकिन इस आदेश का भी उल्लंघन किया गया। दो दिनों तक किसी भी प्रकार की जांच कार्यवाही नहीं की गई। शनिवार को उड़नदस्ता टीम बिलाईगढ़ पहुंची तो लेकिन वन परिक्षेत्र अधिकारी के कार्यालय में बैठकर रेंजर माखन लाल बंजारे के द्वारा बनाए गए पंचनामा को पढ़ा गया और उसी को लेकर वापस लौट गए। 

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रेंजर की लापरवाही आई सामने 
इस मामले में रेंजर की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है जो आरोपी है। उन्हीं के द्वारा पंचनामा तैयार किया गया था, उसी को उड़नदस्ता टीम लेकर चली गई।  घटनास्थल की जांच तक करना उचित नहीं समझ गया। इस प्रकार से देखा जाए तो वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा ही इतनी बड़ी घटना को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। 

प्रतिवेदन के बाद की जाएगी कार्रवाई- डीएफओ 
इस मामले में डीएफओ विपुल अग्रवाल का कहना है कि आगजनी हुई थी हमारी प्राथमिकता आपको बुझाने की थी जो बुझा ली गई है। जांच के लिए उड़नदस्ता टीम को सौंप दिया गया है। प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद कार्रवाई किया जाएगा।  

सवालों के घेरे में वन विभाग 
आखिरकार सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों का जलना बिलाईगढ़ क्षेत्र लोगों के लिए बड़ी क्षति है। क्षेत्रीय जैन प्रतिनिधि और वन प्रेमी रेंजर के ऊपर कार्यवाही करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अब तक चौकीदार, बीट गार्ड समेत जिम्मेदारों पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही ना कर पाना वन विभाग के उच्च अधिकारियों पर बड़ा सवाल खड़े करता है। क्या आगजनी के बाद इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों को न बचा पाना वन विभाग के कर्मचारियों की निष्क्रियता को उजागर नहीं करता। क्या डीएफओ और एसडीओ समेत जिम्मेदार अधिकारियों को घटनास्थल जाकर देखेंने की जरूरत नहीं है।  

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने की कार्यवाही की मांग
उक्त मामले में सारंगढ़ बिलाईगढ़ के कांग्रेस जिला अध्यक्ष ताराचंद देवांगन ने कहा कि इतनी बड़ी पेड़ में आग लग जाना संदेह के दायरे में है। उन्होंने शासन प्रशासन से जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही करने की मांग की है। अगर शुरुआत में ही इतनी बड़ी आग जानी होती है तो अभी तो गर्मी बाकी है। ऐसे में जिम्मेदार पर कार्रवाई होना अति आवश्यक है। ताकि आने वाले समय में इस प्रकार से आगजनी की घटना ना घटे। भाजपा सरकार कहती है कि एक पेड़ मां के नाम लगाओ इधर हजारों पेड़ जलकर खाक हो रहे हैं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।

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