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धमतरी के सिहावा अंचल स्थित मुकुंदपुर पहाड़ी पर मिला रहस्यमयी कुंड, जिसका पानी कभी नहीं सूखता। गंगा मैया की कृपा मानकर श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं।

अंगेश हिरवानी- नगरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला अपने वनांचल क्षेत्र, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक रहस्यों के लिए विशेष पहचान रखता है। महानदी के उद्गम स्थल सिहावा अंचल को सप्तऋषियों की तपोभूमि के रूप में भी जाना जाता है, जहां आज भी प्राचीन मान्यताओं और आस्था की गूंज सुनाई देती है।

नगरी ब्लाक मुख्यालय से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर इसी अंचल के ग्राम मुकुंदपुर की पहाड़ी पर अगस्त ऋषि का आश्रम स्थित है। इस पहाड़ी पर एक पवित्र स्थल है, जिसे स्थानीय लोग गंगा मैया का स्थान मानते हैं। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं द्वारा दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

पहाड़ी के ऊपर की गई खोजबीन
स्थानीय पुजारी प्रेमलाल नेताम सहित ग्रामीणों ने बताया कि, ग्राम मुकुंदपुर और हरदीभाठा के बीच  इसी पहाड़ी पर अगस्त ऋषि के शिष्य सुतीक्षण मुनि की एक प्राचीन गुफा भी है। वर्ष 2008 में चैत्र नवरात्रि के दौरान जब यहां आस्था का दीप जलाया गया, तब एक अद्भुत संकेत मिला। संकेत के आधार पर पहाड़ी के ऊपर खोजबीन की गई, जहां एक पत्थर से ढका हुआ कुंड मिला।

इस कुंड का पानी कभी नहीं सूखता
जब उस पत्थर को हटाया गया, तो अंदर पानी से भरा एक कुंड दिखाई दिया। चारों ओर पत्थरों से घिरे इस कुंड का पानी कभी नहीं सूखता। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह कोई साधारण जल स्रोत नहीं, बल्कि गंगा मैया की दिव्य जलधारा है।

नवरात्रि के दौरान भंडारे का भी होता है आयोजन
आज यह स्थान श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां नियमित रूप से हवन-पूजन किया जाता है और नवरात्रि के दौरान भंडारे का आयोजन भी होता है। खास बात यह है कि, भंडारे के लिए भोजन और पूजा-पाठ में उपयोग होने वाला पानी इसी कुंड से लिया जाता है। लेकिन इसके बावजूद पानी की मात्रा में कोई कमी नहीं आती।

गंगा मैया की कृपा का माना जाता है प्रतीक 
एक छोटे से कुंड का कभी न सूखना लोगों के लिए किसी रहस्य से कम नहीं है। साथ ही इस कुंड के पानी से स्नान या पीने और शरीर में छिड़काव करने से मनोकाना पूर्ण और असाध्य रोग ठीक होने की मान्यता है। श्रद्धालु इसे चमत्कार मानते हुए गंगा मैया की कृपा का प्रतीक मान रहे हैं। यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बन रहा है, बल्कि अपने अनसुलझे रहस्य के कारण लोगों को आकर्षित भी कर रहा है।

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