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बालोद के दल्लीराजहरा क्षेत्र के ग्राम जपकोहड़ा में कुएं में गिरे भालू को वन विभाग और ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर बचाया।

राहुल भूतड़ा- बालोद। बालोद वनमंडल के अंतर्गत दल्लीराजहरा क्षेत्र के ग्राम जपकोहड़ा में हड़कंप मच गया, जब एक भालू के कुएं में गिर जाने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय वन अमला और उड़नदस्ता दल ने जंगल सफारी रायपुर के मार्गदर्शन में स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सुनियोजित तरीके से बचाव कार्य किया। टीम ने बेहद सावधानी और सूझबूझ के साथ कड़ी मेहनत करते हुए भालू को सुरक्षित रूप से कुएं से बाहर निकाल लिया।

समय रहते बच गई बेजुबान की जान
यह रेस्क्यू ऑपरेशन न केवल वन विभाग की तत्परता और दक्षता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीणों की जागरूकता और सहयोग की भी बेहतरीन मिसाल पेश करता है। समय रहते किए गए इस प्रयास से एक बेजुबान वन्य प्राणी का जीवन बचाया जा सका, जो निश्चित रूप से सराहनीय है।

शराब दुकान के आहाते में सो रहे युवक के पास पहुंचा भालू
वहीं 8 फरवरी को कांकेर जिले के नरहपुर से एक ऐसा खौफनाक घटना सामने आया था। जिसे जानने और देखने के बाद किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। आधी रात, शराब दुकान के आहाता में चैन की नींद सो रहा एक युवक अचानक मौत के मुँह के बिल्कुल सामने पहुंच गया। जब उसके पास दबे पांव एक जंगली भालू आ पहुंचा।

मिली जानकारी के अनुसार, सिर्फ चार मिनट लेकिन ये चार मिनट उस युवक के लिए जिंदगी और मौत के बीच का सबसे लंबा संघर्ष बन गए। भालू युवक के बेहद करीब घूमता रहा, तांडव मचाता रहा और युवक सांस रोके पड़ा रहा। जरा-सी भी हलचल होती, तो अंजाम कुछ भी हो सकता था।

बाल-बाल बचा युवक
इस दौरान युवक की सांसें थमी रहीं, दिल की धड़कनें तेज थीं, लेकिन उसने हिम्मत और सूझबूझ नहीं खोई। किस्मत और समझदारी ने साथ दिया और आखिरकार भालू बिना हमला किए वहां से चला गया और युवक की जान बच गई। यह पूरी घटना इलाके में दहशत का कारण बन गई है और वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है।
 

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