Nitish Kumar Rajya Sabha oath: बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। संसद भवन में राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें उच्च सदन की सदस्यता दिलाई। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार में उनके दो दशक लंबे शासन का समापन होने जा रहा है।
14 अप्रैल को मिल सकता है नया मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद अब सबकी नजरें बिहार के अगले मुख्यमंत्री पर टिकी हैं। सूत्रों के अनुसार, एनडीए गठबंधन 14 अप्रैल को बिहार के नए मुख्यमंत्री का चुनाव कर सकता है। नीतीश कुमार पहले ही बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद 30 मार्च को परिषद की सदस्यता छोड़ी थी।
#WATCH | Nitish Kumar takes oath as a Member of the Rajya Sabha.
— ANI (@ANI) April 10, 2026
(Video Source: Sansad TV/YouTube) pic.twitter.com/ZFbf761Wrm
'बिहार में काम पूरा हुआ, अब दिल्ली की बारी'
शपथ ग्रहण से एक दिन पहले दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया था कि वे अब पटना की राजनीति छोड़कर दिल्ली में सक्रिय रहेंगे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैंने बिहार में बहुत कुछ हासिल किया है और काफी काम पूरा कर लिया है। अब मुझे लगा कि मुझे यहाँ (दिल्ली) रहना चाहिए। मैं अगले तीन-चार दिनों में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा।"
नए चेहरों को मिलेगी कमान
नीतीश कुमार ने यह भी संकेत दिए कि उनके इस्तीफे के बाद बिहार को न केवल नया मुख्यमंत्री मिलेगा, बल्कि मंत्रिमंडल में भी नए चेहरों को जगह दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नए लोगों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी ताकि वे राज्य के विकास को आगे बढ़ा सकें। फिलहाल बिहार बीजेपी के नेताओं और जेडीयू के बीच नए नेतृत्व को लेकर मंथन का दौर जारी है।
बिहार के सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार के नाम बिहार में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड दर्ज है। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत 1985 में विधायक के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। साल 2005 में वे पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने और तब से लेकर अब तक वे राज्य की राजनीति की धुरी बने रहे।
ऐतिहासिक बदलाव की ओर बिहार
नीतीश कुमार का दिल्ली शिफ्ट होना बिहार एनडीए के लिए एक बड़ी परीक्षा है। जहां बीजेपी अपना मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है, वहीं जेडीयू के लिए नीतीश के बिना जमीन मजबूत बनाए रखना एक चुनौती होगी। 14 अप्रैल को होने वाली एनडीए की बैठक में तय हो जाएगा कि बिहार की कमान अब किसके हाथों में होगी।










