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रियो पैरालिंपिक: शॉटपुट में दीपा ने सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास

पैरालिंपिक खेलों में मेडल जीतने वाली दीपा पहली भारतीय महिला बन गई हैं।

रियो पैरालिंपिक: शॉटपुट में दीपा ने सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास
नई दिल्ली. ब्राजील के रियो में चल रहे पैरालिंपिक खेलों में दीपा मलिक ने भारत के लिए इतिहास रचा है। दीपा ने पैरालिंपिक के शॉटपुट इवेंट में रजत पदक जीत लिया है। पैरालिंपिक खेलों में मेडल जीतने वाली दीपा पहली भारतीय महिला बन गई हैं।
शॉटपुट में दीपा मलिक ने छठे प्रयास में 4.61 का स्कोर बनाकर दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि पहले स्थान पर बहरीन की फातिमा नेधाम (4.76) और तीसरे स्थान पर ग्रीस की दिमित्रा कोरोकिदा (4.28) रहीं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्पर्धा में कुल सात खिलाड़ी थे, लेकिन मैक्सिको की इस्टेला सालास इसकी शुरुआत नहीं कर पाईं। इस पदक के साथ ही भारत के इन पैरालिंपिक्स खेलों में कुल तीन पदक हो गए हैं।
इससे पहले भारत को ऊंचीकूद में मयप्पन थांगावेलू को गोल्ड मेडल और वरुण भाटी को कांस्य पदक मिल चुका है।
45 साल की दीपा हरियाणा से हैं और साल 2012 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से नवाज़ा गया था। दीपा ने राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीते हैं। वो शॉट-पट के अलावा, जैवलिन थ्रो और मोटर साइकलिंग जैसे खेलों में भी खूब बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। दीपा से पहले इन्हीं पैरालिम्पिक खेलों की हाई जम्प प्रतियोगिता में भारत गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है।
1999 में दीपा मलिक को स्पाइनल ट्यूमर था, जिसकी वजह से तीन बार सर्जरी हुई और कंधे पर 183 टांके लगे। जिसके बाद वह कमर के नीचे लकवाग्रस्त हो गईं थी। ऐसे में अपने हौसले की उड़ान भरने में वह बिल्कुल नहीं रुकीं और स्पोर्ट्स में अपनी रुचि लगातार बनाए रखी। अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने व्हीलचेयर पर प्रैक्टिस करती थीं।
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