Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

भारत में होने वाले वनडे और टी-20 मैचों में हो सकता है बड़ा बदलाव, वजह है बेहद खास

बीसीसीआई ने इस सत्र में प्रयोग के तौर पर मुश्ताक अली टी-20 और विजय हजारे ट्राफी में एसजी वाइट का इस्तेमाल किया।

भारत में होने वाले वनडे और टी-20 मैचों में हो सकता है बड़ा बदलाव, वजह है बेहद खास

बीसीसीआई घरेलू मैदान पर होने वाले भारत के सीमित ओवरों के मैचों में अधिकारिक कूकाबूरा गेंदों की जगह एसजी वाइट गेंद के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है। मुंबई में घरेलू कप्तान और कोचों के सालाना सम्मेलन के दौरान इस पर लंबी चर्चा की गई, जिसमें अंपायरिंग के खराब स्तर भी बातचीत हुई।

भारत में एसजी टेस्ट ब्रांड की गेंद और कूकाबूरा गेंद

भारत में प्रथम श्रेणी मैचों और टेस्ट मैचों में एसजी टेस्ट ब्रांड की गेंदों का इस्तेमाल होता है जबकि सीमित ओवरों के मैच कूकाबूरा गेंद से खेले जाते हैं। हालांकि बीसीसीआई ने इस सत्र में प्रयोग के तौर पर मुश्ताक अली टी-20 और विजय हजारे ट्राफी में एसजी वाइट का इस्तेमाल किया। शुरू में मुश्ताक अली ट्राफी के दौरान फीडबैक इतना अच्छा नहीं था लेकिन हजारे ट्राफी के दौरान खिलाड़ी गेंद के स्तर से खुश थे।

इसे भी पढ़े: गरीबी में कभी 300 रुपये कमाने के लिए ऐसा करते थे हार्दिक पंड्या, पढ़कर आंखें हो जाएगी नम

अगले सत्र में वनडे और टी-20 में एसजी वाइट गेंद

राज्य की टीम से जुड़े एक वरिष्ठ कोच की माने तो इस मामले पर क्रिकेट परिचालन के महाप्रबंधक सबा करीम से चर्चा हुई थी। हम अगले सत्र में भारतीय टीम को वनडे और टी-20 में एसजी वाइट गेंद से खेलते हुए देख सकते हैं। एसजी गेंद में काफी उभरी हुई सीम होती है। इस साल घरेलू टूर्नामेंट में अंपायरिंग के स्तर पर भी काफी चर्चा हुई।

अंपायरिंग का खराब स्तर

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा- ज्यादातर कप्तान ओर कोचों को अंपायरिंग के स्तर की शिकायत की। मैचों के दौरान कई विवादास्पद फैसले दिए। भारतीय अंपायरों के स्तर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल सुदंदरम रवि ही एलीट पैनल में शामिल हैं। कुछ ने तो घरेलू मैचों के दौरान डीआरएस के इस्तेमाल का अनुरोध भी किया लेकिन इसे खारिज कर दिया गया।

Share it
Top