Ranji Trophy final: रणजी ट्रॉफी फाइनल में जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच मुकाबला अचानक विवादों में घिर गया। दूसरे दिन, जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा के एक आक्रामक रिएक्शन ने मैदान का माहौल गरमा दिया। मैच हुबली में खेला जा रहा, जहां 101वें ओवर में यह घटना हुई।
जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा उस समय क्रीज पर थे और कन्हैया वाधवान के साथ अच्छी साझेदारी बना रहे थे। इसी दौरान डोगरा ने प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर चौका मारा। वो शॉट के पूरे नियंत्रण में नहीं थे, गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर स्लिप कॉर्डन से चौके के लिए गई। इसके बाद फॉरवर्ड शॉर्ट लेग पर खड़े सब्स्टीट्यूट फील्डर केवी अनीश और डोगरा के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
पारस डोगरा ने किया हेडबट
बताया जा रहा है कि लगातार स्लेजिंग से नाराज़ होकर डोगरा अचानक आगे बढ़े और हेलमेट से अनीश को हेडबट कर दिया। इसने 2006 फीफा विश्व कप फाइनल में फ्रांस के कप्तान जिनेदिन जिदान के इटली के मार्को मेटराजी को किए हेडबट की यादें ताजा करा दीं।
— Nihari Korma (@NihariVsKorma) February 25, 2026
मयंक अग्रवाल ने संभाली स्थिति
स्थिति बिगड़ती देख मंयक अग्रवाल बीच में आए और मामला शांत कराने की कोशिश की। अंपायरों को भी दखल देना पड़ा। ओवर खत्म होने के बाद डोगरा ने माफी मांगी लेकिन अनीश ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद केएल राहुल और मयंक अग्रवाल ने डोगरा पर लगातार तीखे कमेंट किए, जिससे मैदान का माहौल और गर्म हो गया।
On this date in 2006, Zinedine Zidane was sent off for headbutting Marco Materazzi in the World Cup Final 💥
— FOX Soccer (@FOXSoccer) July 9, 2020
He never played again. pic.twitter.com/u96qPnT0l1
मैच में एक और टकराव हुआ
मामला यहीं नहीं थमा। थोड़ी देर बाद तेज गेंदबाज विजयकुमार वैशाक और वाधवन के बीच भी तनातनी हो गई। वाधवन जब सिंगल लेने दौड़े तो उनका हाथ गेंदबाज से टकरा गया। इसके बाद दोनों आमने-सामने आ गए लेकिन अंपायर और खिलाड़ियों ने बीच-बचाव कर मामला संभाल लिया। दूसरी तरफ खड़े डोगरा इस पूरे घटनाक्रम पर मुस्कुराते नजर आए।
इन विवादों के बीच जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन मजबूत रहा। टीम ने छह विकेट पर 350 रन बना लिए। पहले दिन शुभम पुंडीर ने शानदार 121 रन की पारी खेलकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। वहीं, यावेर हसन ने 88 और अब्दुल समद ने 61 रन बनाकर टीम को ऐतिहासिक पहले रणजी फाइनल में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। अब देखना होगा कि मैच का नतीजा क्या रहता है, लेकिन दूसरे दिन का यह विवाद लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।









