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ind vs sa: अक्षर पटेल को साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में बाहर रखने पर अजिंक्य रहाणे ने टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चयन में जरूरत से ज्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश नुकसान पहुंचा सकती है।

ind vs sa: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर सवाल उठ रहे। सबसे ज्यादा चर्चा जिस फैसले की हो रही है, वह है अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना। अब इस मुद्दे पर भारत के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने भी खुलकर नाराजगी जताई है।

टी20 विश्व कप के सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अक्षर के स्थान पर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया। टीम मैनेजमेंट का मानना था कि दक्षिण अफ्रीका की टॉप ऑर्डर में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, इसलिए ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर ज्यादा कारगर रहेंगे। लेकिन मैदान पर यह रणनीति उलटी पड़ती नजर आई। सुंदर सिर्फ 2 ओवर ही फेंक पाए और 17 रन दिए। उन्हें न तो कोई विकेट मिला और न ही बल्लेबाजों पर दबाव बना सके। 

दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों, खासकर डेविड मिलर और डेवाल़्ड ब्रेविस ने सुंदर को आसानी से खेला। इससे चयन को लेकर सवाल और तेज हो गए। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए रहाणे ने कहा कि अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी को बाहर रखना समझ से परे। उन्होंने साफ कहा कि कभी-कभी टीम चयन में जरूरत से ज्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश नुकसान पहुंचा देती। उनके मुताबिक अक्षर लगातार अच्छा प्रदर्शन करते आए और मुश्किल हालात में टीम के लिए उपयोगी साबित हुए हैं।

रहाणे ने यह भी कहा कि सिर्फ इस आधार पर फैसला लेना कि सामने बाएं हाथ के बल्लेबाज ज्यादा हैं, सही नहीं होता। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उसी मैच में बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज ने प्रभावी गेंदबाजी की थी। ऐसे में फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को बाहर रखना टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अक्षर टीम के उपकप्तान भी हैं, इसके बावजूद उन्हें मौका नहीं मिला। इससे पहले भी नीदरलैंड के खिलाफ मैच में उन्हें आराम दिया गया था और सुंदर को खिलाया गया था। उम्मीद थी कि बड़े मुकाबले में अक्षर की वापसी होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इस फैसले के बाद टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की रणनीति पर आलोचना बढ़ गई है। भारत को इस मैच में 76 रन की बड़ी हार झेलनी पड़ी, जिससे सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई।

अब भारतीय टीम के सामने करो या मरो की स्थिति है। अगला मुकाबला जिम्बाब्वे के खिलाफ चेन्नई में 26 फरवरी को खेला जाएगा। अगर भारत यह मैच हारता है तो टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा बढ़ जाएगा।

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