mi vs upw: 24 घंटे में लिया अपमान का बदला! जिसे बीच मैच से कोच ने वापस बुलाया, उसने मुंबई के खिलाफ दिलाई जीत

हरलीन देओल ने अकेले दम पर यूपी वॉरियर्स को सीजन की पहली जीत दिलाई।
mi vs upw: क्रिकेट में 24 घंटे में कितना कुछ बदल सकता है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण विमेंस प्रीमियर लीग 2026 में हरलीन देओल ने दिया। 24 घंटे पहले वह एक विवादित फैसले के चलते चर्चा में थीं, और अगले ही दिन हरलीन प्लेयर ऑफ द मैच बन गईं।
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पिछले मैच में हरलीन को 47 रन पर रिटायर्ड आउट किया गया था। यह फैसला न सिर्फ चौंकाने वाला था, बल्कि सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में बहस का मुद्दा भी बन गया। लेकिन मुंबई इंडियंस के खिलाफ गुरुवार को हरलीन ने बल्ले से जवाब दिया और यूपी वॉरियर्स को सीजन की पहली जीत दिलाई।
रिटायर्ड आउट के बाद हरलीन का कमबैक
मुंबई इंडियंस के खिलाफ रनचेज में हरलीन सातवें ओवर में बल्लेबाजी के लिए उतरीं। उस वक्त यूपी को 79 गेंदों में 117 रन चाहिए थे और किरण नवगिरे आउट हो चुकी थीं। हरलीन ने आते ही इरादे साफ कर दिए। शुरुआती गेंदों पर चौके लगाए और दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया। अगले कुछ ओवरों में उन्होंने लगातार बाउंड्री लगाकर रनरेट को काबू में रखा।
अकेले दम पर यूपी को दिलाई जीत
13 ओवर के बाद हरलीन 23 गेंदों पर 40 रन बना चुकी थीं। एक पल के लिए डेजा-वू जैसा माहौल बना, जब ऑफ स्पिनर संस्कृति गुप्ता ने कसा हुआ ओवर डाला। लेकिन इस बार हरलीन ने धैर्य नहीं खोया। फोबे लिचफील्ड के आउट होने के बाद भी वह शांत रहीं। अगली ही ओवर में संस्कृति को तीन चौके जड़ दिए और अपना अर्धशतक पूरा किया। दूसरे छोर पर क्लोय ट्रायन ने 11 गेंदों पर नाबाद 27 रन बनाकर तेजी दिखाई और दोनों ने मिलकर यूपी को जीत तक पहुंचा दिया।
कोच अभिषेक भी हरलीन के हुए कायल
प्लेयर ऑफ द मैच बनी हरलीन ने रिटायर्ड आउट के फैसले पर ज्यादा बात करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'कल भी मैं अच्छी बल्लेबाजी कर रही थी। बस चीजें हमारे पक्ष में नहीं गईं। आज आपने देखा कि क्लोय जैसे खिलाड़ी मैच का रुख कैसे बदल सकते हैं। मैं उस फैसले को लेकर ज्यादा सोच नहीं रही।'
यूपी वॉरियर्स के कोच अभिषेक नायर ने भी साफ किया कि रिटायर्ड आउट का फैसला अचानक नहीं लिया गया था। टीम के अंदर इस पर चर्चा हुई थी और मकसद बस टीम को फायदा पहुंचाना था। नायर ने बताया कि उस घटना के बाद सबसे जरूरी बात यह थी कि हरलीन मानसिक रूप से ठीक रहें।
मुंबई के खिलाफ हरलीन की बल्लेबाजी तकनीकी रूप से बेहद मजबूत दिखी। उन्होंने ऑफ साइड में कट और ड्राइव लगाए, पैड पर आई गेंदों को पुल किया और स्पिनर्स के खिलाफ आगे बढ़कर शॉट्स खेले। यह पारी ताकत से ज्यादा टाइमिंग और प्लेसमेंट पर आधारित थी। हालांकि हरलीन की स्ट्राइक रेट को लेकर सवाल उठते रहे हैं लेकिन यह पारी उनके रोल को बखूबी दिखाती है कि एक भरोसेमंद एंकर की भूमिका। नायर का मानना है कि अगर हरलीन अपने खेल में थोड़ा और पावर जोड़ लें, तो वह भारत के लिए और भी खतरनाक बल्लेबाज बन सकती हैं।
खुद हरलीन के लिए यह पारी आत्मविश्वास लौटाने वाली रही। उन्होंने कहा कि पिछले दो मैचों में चीजें उनके मुताबिक नहीं थीं, लेकिन उन्होंने अपनी गलतियों को समझा और ओवरहिट करने के बजाय टाइमिंग पर भरोसा किया। और यही भरोसा, 24 घंटे बाद, उन्हें हीरो बना गया।
