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बिहार एसटीएफ (STF) ने वैशाली में छापेमारी कर दो वांछित माओवादियों सुजीत पासवान और संतोष साह को गिरफ्तार किया है। इन पर हत्या, आर्म्स एक्ट और नक्सल गतिविधियों के दर्जनों मामले दर्ज हैं।

Maoists Arrested in Vaishali: बिहार में नक्सली नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में विशेष कार्य बल (STF) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ की टीम ने वैशाली जिले के काजीपुर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो वांछित माओवादियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर ठिकाने बदल रहे थे। इनकी गिरफ्तारी को उत्तर बिहार में सक्रिय नक्सली गतिविधियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

इन कुख्यातों की हुई गिरफ्तारी, दर्ज हैं दर्जनों मामले
एसटीएफ द्वारा दबोचे गए आरोपियों की पहचान सुजीत पासवान और संतोष साह उर्फ अनिल साह के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन दोनों पर हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। ये दोनों काफी समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थे, लेकिन अपनी पहचान छिपाकर वैशाली के ग्रामीण इलाकों में पनाह लिए हुए थे।

NIA एक्ट और आर्म्स एक्ट के मामलों में था वांछित
गिरफ्तार माओवादी सुजीत पासवान का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। वह साल 2013 के एक चर्चित आर्म्स एक्ट और एनआईए (NIA) एक्ट के मामले में मुख्य आरोपी था। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, अकेले मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ पांच से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ ने उसे उसके पैतृक घर से घेराबंदी कर पकड़ा, जहाँ वह चुपचाप रह रहा था।

बिहार से यूपी तक फैला था संतोष साह का आतंक
मुठभेड़ और छापामारी के दौरान पकड़ा गया दूसरा आरोपी संतोष साह उर्फ अनिल साह भी बड़ा अपराधी निकला। संतोष के खिलाफ बिहार ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कई थानों में भी हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत कुल नौ मामले दर्ज हैं। वह 2013 के सीएलए (CLA) एक्ट मामले में फरार चल रहा था। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नक्सली गिरोहों की कमर टूटेगी।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस, रिमांड पर लेने की तैयारी
इन दोनों माओवादियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। शुरुआती पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर एसटीएफ और जिला पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि फिलहाल ये किस बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।

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