Bondi Beach Tribute: भरी आंखें...भारी दिल..बॉन्डी बीच टेरर अटैक में जान गंवाने वालों को सिडनी टेस्ट में दी गई श्रद्धांजलि

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में बॉन्डी बीच टेरर अटैक में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई।
Bondi Beach massacre Tribute: ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदानों में से एक सिडनी क्रिकेट ग्राउंड रविवार को भावनाओं का गवाह बना। एशेज सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट के पहले दिन खेल शुरू होने से पहले बॉन्डी बीच आतंकी हमले में जान गंवाने वालों और हालात पर काबू पाने वाले नायकों को श्रद्धांजलि दी गई। यह हमला 3 हफ्ते पहले हुआ था, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी और पूरे ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया था।
सिडनी टेस्ट,जो हर साल शहर का बड़ा खेल आयोजन माना जाता है, इस बार खेल से पहले एक खास समारोह का मंच बना। मैदान पर उन लोगों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने हमले के दौरान बहादुरी दिखाई- चाहे वे पुलिसकर्मी हों,पैरामेडिक्स हों,सर्फ लाइफसेवर्स हों या आम नागरिक, जिन्होंने जान जोखिम में डालकर दूसरों की मदद की।
इस श्रद्धांजलि समारोह का सबसे भावुक पल तब आया,जब अहमद अल-अहमद को सम्मानित किया गया। सीरियाई-ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अहमद अल-अहमद ने बॉन्डी बीच पर हमलावरों में से एक का सामना किया था। उन्होंने जान की परवाह किए बिना उस पर झपट्टा मारा,उसकी बंदूक छीन ली थी और पुलिस के पहुंचने तक कीमती वक्त खरीदा। उनकी इस बहादुरी ने कई जिंदगियां बचाईं। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में जब उनका नाम पुकारा गया, तो पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा।
श्रद्धांजलि के दौरान दोनों टीमों- ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड, के खिलाड़ी सिडनी क्रिकेट ग्राउंड के ऐतिहासिक पवेलियन के दोनों ओर कतार में खड़े हुए और फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। खिलाड़ी,अधिकारी और दर्शक सभी एक साथ खड़े होकर तालियां बजाते नजर आए। यह पल खेल से कहीं बड़ा था।
गौरतलब है कि इंग्लैंड की टीम हमले के वक्त ऑस्ट्रेलिया में ही मौजूद थी। इसके बाद से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड और सिडनी में खेले गए टेस्ट मैचों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दंगा-रोधी दस्तों की तैनाती भी की गई है।
बॉन्डी बीच, जो दुनिया के सबसे मशहूर समुद्र तटों में गिना जाता है, 14 दिसंबर को हुए इस हमले से दहल उठा था। यह हमला हनुक्का उत्सव के दौरान किया गया था और इसे यहूदी विरोधी,ISIS से प्रेरित आतंकी घटना माना गया। एक हमलावर मारा गया था जबकि दूसरा पुलिस की हिरासत में है। यह ऑस्ट्रेलिया के इतिहास के दूसरे सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी के मामलों में से एक था,जिसमें 10 साल के बच्चे समेत 15 लोगों की जान चली गई।
सिडनी में दिया गया यह सम्मान उन जिंदगियों की याद दिलाता है, जो चली गईं,और उन नायकों की, जिन्होंने अंधेरे में रोशनी की मिसाल पेश की।
