T20 World cup: 'फैसला पहले ही हो चुका था...' टी20 वर्ल्ड कप विवाद पर मीटिंग के बाद भड़के बांग्लादेशी खिलाड़ी

फैसला पहले ही हो चुका था... टी20 वर्ल्ड कप विवाद पर मीटिंग के बाद भड़के बांग्लादेशी खिलाड़ी
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भारत में आकर टी20 विश्व कप के मुकाबले न खेलने के फैसले को लेकर क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश के खिलाड़ी एकमत नहीं हैं। खिलाड़ियों ने बैठक के बाद आरोप लगाया कि फैसला पहले से ही तय था हमारी राय सिर्फ औपचारिकता भर थी।

BCB T20 World cup 2026 Controversy: टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट में चल रहा विवाद अब और गहरा गया। सीनियर स्टेकहोल्डर्स के साथ हुई अहम बैठक के बाद खिलाड़ी बेहद नाराज़ नजर आए। खिलाड़ियों का कहना है कि बैठक राय लेने के लिए नहीं, बल्कि पहले से लिए गए फैसले की जानकारी देने के लिए बुलाई गई थी।

ड्रेसिंग रूम के अंदर माहौल खामोश है लेकिन नाराज़गी साफ महसूस की जा सकती। खिलाड़ियों की परेशानी सिर्फ फैसले से नहीं, बल्कि उस तरीके से है, जिस तरह यह फैसला उन पर थोपा गया। उनका मानना है कि पहले बैठो और खिलाड़ियों की बात सुनो की परंपरा थी लेकिन अब ऊपर से सीधा आदेश आ रहा।

क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, एक खिलाड़ी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, 'यह बैठक हमारी सहमति लेने के लिए नहीं थी। हमें सिर्फ यह बताया गया कि क्या होने वाला है। उन्होंने मीटिंग से पहले ही तय कर लिया था कि क्या करना है।' खिलाड़ी ने आगे कहा कि उन्होंने हमसे पूछा ही नहीं। सीधे कहा गया कि हम नहीं जा रहे हैं।

खिलाड़ियों का दावा है कि यह फैसला क्रिकेट बोर्ड या टीम मैनेजमेंट का नहीं, बल्कि सरकार का है। उसी खिलाड़ी ने कहा, 'असल बात यह है कि सरकार का फैसला पहले ही हो चुका था। यह सीधा आदेश था कि वर्ल्ड कप में नहीं जाना है।'

इस पूरे मामले में एक साफ दरार दिख रही। जहां फैसले सुरक्षा और सरकारी नीति के आधार पर लिए जा रहे हैं, वहीं खिलाड़ी मानते हैं कि टीम पूरी तरह तैयार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो और टी20 कप्तान लिटन दास ने मीटिंग में साफ कहा कि टीम खेलने के लिए तैयार है।

बैठक के बाद बीसीबी अधिकारी नजऱुल ने मीडिया से कहा कि बांग्लादेश अपने रुख पर कायम रहेगा। उन्होंने ICC पर उचित न्याय न देने का आरोप लगाया और कहा कि न तो भारतीय सरकार और न ही आईसीसी ने बांग्लादेश की शिकायतों को गंभीरता से सुलझाने की कोशिश की।

सरकार और बीसीबी प्रतिनिधियों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने पहले खिलाड़ियों को मिल चुकी धमकियों का जिक्र किया और कहा कि खतरा सिर्फ टीम को नहीं, बल्कि पत्रकारों और दर्शकों को भी हो सकता है।

एक और खिलाड़ी ने निराशा में कहा, 'अगर हम नहीं गए तो नुकसान हमारे क्रिकेट का ही होगा। क्रिकेट खत्म हो जाएगा, लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ेगा।' खिलाड़ियों को यह भी बताया गया कि बीसीसीआई की तरफ से कोई सीधा संपर्क नहीं किया गया। अधिकारियों ने सवाल उठाया कि ऐसे हालात में कोई देश टीम कैसे भेज सकता है।

बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने खिलाड़ियों को समझाने की कोशिश की लेकिन उसका खास असर नहीं हुआ। एक खिलाड़ी ने कहा, 'वह हमें मानसिक तौर पर ढांढस दे सकते हैं, लेकिन हम जानते हैं कि फैसला पहले ही हो चुका है।'

एक टीम मैनेजमेंट सदस्य ने भी खिलाड़ियों के प्रति सहानुभूति जताई। उन्होंने कहा कि टीम ने टी20 में खुद को मजबूत बनाया है और हालिया नतीजे इसका सबूत हैं। फिलहाल बांग्लादेश क्रिकेट में नाराज़गी और अनिश्चितता का माहौल है, जबकि देश का ध्यान 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों पर भी टिका है।

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