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IPL 2026: बीसीसीआई ने भी माना कि आईपीएल 2026 से पहले सभी टीमों के लिए नए प्रैक्टिस नियम जारी किए। अब हर फ्रेंचाइजी को अलग नेट और ताजा प्रैक्टिस पिच दी जाएगी। पिच बचाने के लिए पहले होम मैच से चार दिन पहले मुख्य स्क्वेयर पर प्रैक्टिस पर रोक रहेगी।

IPL 2026: आईपीएल 2026 से पहले बीसीसीआई ने सभी 10 फ्रेंचाइजी के लिए नए प्रैक्टिस नियम जारी कर दिए हैं। इन निर्देशों का मकसद टूर्नामेंट के दौरान पिच की क्वालिटी बनाए रखना और सभी टीमों को बराबरी का तैयारी का मौका देना है।

नए नियमों के मुताबिक अब कोई भी टीम उस नेट या प्रैक्टिस पिच पर ट्रेनिंग नहीं कर सकेगी,जिसका इस्तेमाल किसी दूसरी फ्रेंचाइजी ने अपने सेशन के दौरान किया हो।

हर टीम को मिलेंगे अलग-अलग प्रैक्टिस नेट
बीसीसीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक, हर टीम को अपने प्रैक्टिस सेशन के लिए अलग और ताजा नेट दिए जाएंगे। बोर्ड ने साफ कहा है कि अगर दो टीमें एक ही दिन प्रैक्टिस कर रही हैं या एक टीम के बाद दूसरी टीम का सेशन है, तो पहली टीम दूसरी टीम के नेट का इस्तेमाल नहीं कर सकती। इसमें थ्रो-डाउन प्रैक्टिस भी शामिल है।

इतना ही नहीं, अगर कोई टीम अपना सेशन जल्दी खत्म कर देती है, तब भी दूसरी टीम उसके 'रेंज-हिटिंग विकेट' का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी। बीसीसीआई का मानना है कि इस नियम से प्रैक्टिस पिचों पर जरूरत से ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा और सभी टीमों को बराबरी की सुविधा मिलेगी।

प्रैक्टिस मैच के लिए भी तय किए गए नियम
फ्रेंचाइजी अपने बीच प्रैक्टिस मैच भी खेल सकती हैं,लेकिन इसके लिए पहले बोर्ड को जानकारी देना जरूरी होगा। बीसीसीआई ने यह भी तय किया है कि अगर कोई टीम फ्लडलाइट्स में प्रैक्टिस मैच खेलना चाहती है तो मैच की अवधि साढ़े तीन घंटे से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा हर फ्रेंचाइजी ज्यादा से ज्यादा दो प्रैक्टिस मैच ही आयोजित कर सकेगी। ये मुकाबले उस पिच पर नहीं खेले जाएंगे, जिस पर असली आईपीएल मैच होना है।

पहले होम मैच से पहले पिच को आराम
पिच की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने कूलिंग-ऑफ पीरियड भी लागू किया है। इसके तहत किसी भी फ्रेंचाइजी के पहले होम मैच से चार दिन पहले मुख्य पिच या स्क्वेयर पर कोई प्रैक्टिस सेशन या प्रैक्टिस मैच नहीं खेला जा सकेगा। अगर इस दौरान टीम को प्रैक्टिस करनी है तो मेजबान राज्य क्रिकेट संघ को मुफ्त में वैकल्पिक मैदान उपलब्ध कराना होगा।

नेट और सेशन की प्राथमिकता भी तय
नई व्यवस्था के तहत हर टीम को आमतौर पर 2 प्रैक्टिस नेट दिए जाएंगे। इसके अलावा मुख्य स्क्वेयर पर एक अतिरिक्त नेट 'रेंज-हिटिंग' के लिए होगा। अगर प्रैक्टिस शेड्यूल को लेकर कोई टकराव होता है, तो होम टीम को अपनी पसंद का सेशन चुनने का पहला अधिकार मिलेगा। हालांकि बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि अवे टीम की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा, खासकर अगर उसने पिछले दिन मैच खेला हो या उसे यात्रा करनी हो।

BCCI का कहना है कि इन नए नियमों से पूरे टूर्नामेंट के दौरान पिच की गुणवत्ता बनी रहेगी और सभी टीमों को निष्पक्ष माहौल में तैयारी करने का मौका मिलेगा।

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