जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बलौदा विकासखंड शिक्षा विभाग एवं अज़ीम प्रेम जी फाउंडेशन के साझा प्रयास से वार्षिक अकादमिक संकुल समन्वयक कॉन्फ्रेंस 2025-26 का आयोजन 13 मार्च को किया गया। शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और संकुल स्तर पर किए जा रहे नवाचारों को साझा करने के उद्देश्य से वार्षिक अकादमिक संकुल समन्वयक कॉन्फ्रेंस 2025-26 का आयोजन किया गया।
यह सम्मेलन समन्वयकों के लिए एक ऐसा मंच बना, जहाँ उन्होंने एक-दूसरे के अनुभवों से सीखते हुए शिक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए विचारों का आदान-प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान पाँच संकुल समन्वयकों ने अपने-अपने संकुल में किए जा रहे नवाचारी शैक्षणिक कार्यों की प्रस्तुति दी। रणजीत सिंह तंवर ने अपने संकुल में विकसित किए गए मॉडल स्कूल की पहल तथा उसके सकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी दी और 'सुपर 60' के अनुभव साझा किए।
गणितीय कौशल को मजबूत करने के प्रयास
संगीता यादव ने FLN मेला के माध्यम से बच्चों में बुनियादी भाषा एवं गणितीय कौशल को मजबूत करने के प्रयासों को साझा किया। योगेन्द्र बंजारे ने विद्यालयों में आयोजित मापन मेला के अनुभव बताते हुए कहा कि, 'करके सीखने' की पद्धति से बच्चों के सीखने में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने की पहल
अशोक तिवारी ने विज्ञान मेला के माध्यम से बच्चों में जिज्ञासा, खोज और प्रयोग आधारित सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी दी। वहीं राममनोहर सोनी ने विद्यालयों में विकसित किए गए मुस्कान पुस्तकालय और प्रिंट-रिच वातावरण के माध्यम से बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने की पहल को प्रस्तुत किया।
शैक्षणिक कार्यों को और बेहतर बनाने की दिशा
प्रस्तुतियों के बाद उपस्थित अन्य संकुल समन्वयकों इन प्रयासों पर अपने विचार साझा किए और रचनात्मक सुझाव दिए। इस संवाद के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर मिला और संकुल स्तर पर शैक्षणिक कार्यों को और बेहतर बनाने की दिशा में साझा समझ विकसित हुई।
नवाचारी प्रयासों की सराहना
इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी रवि कुमार गौतम एवं बीआरसीसी अर्जुन सिंह क्षत्री के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही एबीईओ ललित कुमार जाटवर की उपस्थिति में सत्र संपन्न हुआ। सभी अधिकारियों ने संकुल समन्वयकों द्वारा किए जा रहे नवाचारी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच शिक्षकों और समन्वयकों को एक-दूसरे से सीखने तथा बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
सकारात्मक परिणामों को किया साझा
इस सम्मेलन में प्रतिभागियों में बलौदा और जांजगीर चांपा जिले के अन्य विकासखंड के कुल 31 संकुलों के अकादमिक समन्वयकों ने अपने-अपने संकुल और विद्यालयों में किए जा रहे शैक्षणिक प्रयासों, गतिविधियों और उनके सकारात्मक परिणामों को साझा किया। इसके साथ ही अन्य विकासखंडों से आए संकुल समन्वयकों की उपस्थिति ने भी इस सम्मेलन को और समृद्ध बनाया।
प्रशस्ति पत्र वितरण के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रस्तुतकर्ताओं को एबीईओ ललित जाटवर द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए बताया कि, इस तरह का आयोजन पहली बार आयोजित किया गया है, जहां संकुल समन्वयक अपने अकादमिक कार्यों को व्यवस्थित रूप से संकलित कर प्रस्तुत कर रहे है, जो विकासखंड के सभी संकुल समन्वयकों भी कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा और विकासखंड के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। साथ ही सभी प्रतिभागियों ने संकुल स्तर पर शैक्षणिक सहयोग को और मजबूत बनाने तथा विद्यालयों में बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।










