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बख्शे नहीं जाएंगे दोषी अधिकारी, होगी कड़ी कार्रवाई : एयरचीफ मार्शल भदौरिया

वायुसेना प्रमुख ने इस घटना में मारे गए छह वायुवीरों को ‘बैटल कैजुअलटी’ मानना स्वीकार किया। जहां तक इन्हें किसी प्रकार का सैन्य सम्मान देने की बात है तो यह वायुसेना की निधार्रित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

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The guilty officer will not be spared strict action will be taken Airchief Marshal Bhadoria

बीते 26 फरवरी को बालाकोट एयरस्ट्राइक के अगले दिन सुबह करीब दस बजे जम्मू-कश्मीर के बड़गाम में गिरा मी-17वी5 हेलिकॉप्टर वायुसेना द्वारा ही निशाना लगाए जाने की वजह से गिरा था। यह हमारी एक बहुत बड़ी गलती थी। लेकिन घटना के तुरंत बाद इसे लेकर वायुसेना के एक एयर कोमोडोर रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित की गई जांच यानि कोर्ट ऑफ इंक्वारी (सीओआई) की रिपोर्ट हाल ही में आ चुकी है, जिसमें वायुसेना से हुई इस भारी गलती का तथ्य प्रमाण के साथ स्थापित हो चुका है।

इसके बाद दोषी पाए गए दो अधिकारियों के खिलाफ पहले प्रशासनिक कार्रवाई की गई है और अब कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई यानी कोर्ट मार्शल करने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। साथ ही हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में यह गलती दोहराई न जाए। यह जानकारी 8 अक्टूबर को वायुसेनादिवस के आयोजन से इतर शुक्रवार को राजधानी में आयोजित वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में हरिभूमि द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में वायुसेनाप्रमुख एयरचीफ मार्शल आर.के.एस भदौरिया ने दी।

सात निर्दोषों की गई जान

इस घटना में कुल सात निर्दोष लोग मारे गए थे। जिसमें वायुसेना के छह अधिकारी और एक आम नागरिक शामिल था। 26 फरवरी को वायुसेना के बालाकोट एक्शन के बाद पाकिस्तानी एफ-16 लड़ाकू विमानों के प्रतिआक्रमण का जवाब देते वक्त जब एलओसी के दूसरे छोर पर यह हेलिकॉप्टर अपनी नियमित गश्त को बीच में छोड़कर वापस श्रीनगर एयरबेस पर लौट रहा था।

तब बड़गाम में 'दोस्त' या 'दुश्मन' के विमान की पहचान में हुई गलती की वजह से एयरबेस पर नीचे बैठे वायुसेना के अधिकारियों ने सतह से हवा में मार करने वाली स्पाइडर मिसाइल दाग दी जिससे हेलिकॉप्टर हवा में ही धू-धू कर जलने लगा। यहां बता दें कि नए वायुसेनाप्रमुख के रूप में एयरचीफ मार्शल भदौरिया ने बीते सोमवार को ही अपना कार्यभार संभाला है और उसके ठीक बाद इस वार्षिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर यह तमाम तथ्य सामने रखे हैं।

माना 'बैटल कैजुवलटी'

वायुसेना प्रमुख ने इस घटना में मारे गए छह वायुवीरों को 'बैटल कैजुअलटी' मानना स्वीकार किया। जहां तक इन्हें किसी प्रकार का सैन्य सम्मान देने की बात है तो यह वायुसेना की निधार्रित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। अभी जांच रिपोर्ट ही पूरी हुई है। बाकी चीजें बाद में होंगी।

जांच में यह भी पता चला था कि ग्राउंड पर मौजूद स्टाफ और हेलिकॉप्टर के चालक दल के बीच संचार और समन्वय की भारी कमी थी। यह एक प्रकार से निधार्रित मानक प्रक्रिया (एसओपी) का भी उल्लंघन है। यहां बता दें कि बीते मई महीने में वायुसेना ने मामले की विस्तृत जांच करने के इरादे से श्रीनगर एयरबेस पर तैनात एक एयर ऑफिसर कमांडिंग (एओसी) का ट्रांसफर कर दिया था।

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