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Ram Vilas Paswan: रामविलास पासवान के नाम है बिहार के सबसे ज्यादा बार सांसद रहने का रिकॉर्ड, जानें वजह

Ram Vilas Paswan: रामविलास पासवान 1977 में पहली बार सांसद बनें। इसके बाद 1980, 1989, 1996, 1998, 1999, 2004 और 2014 में जीत दर्ज हासिल लगातार लोकतंत्र के मंदिर संसद में पहुंच थे। हालांकि वह हमेशा जीते ऐसा नहीं था उनको हाजीपुर सीट से 1984 और फिर 2009 में हार का सामना करना पड़ा था।

Ram Vilas Paswan: रामविलास पासवान बिहार के सबसे ज्यादा बार सांसद रहे, जानें क्या थी वजह
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रामविलास पासवान

बिहार में दलितों गरीबों और पिछड़ों के जाने माने नेता रामविलास पासवान का निधन हो गया है। इस महीनें के आखिरी हफ्ते में जहां बिहार में विधानसभा चुनाव होने है वहीं बिहार के लिए बहुत दुखद बात है कि उनका सबसे ज्यादा बार रहे सांसद और केंद्रीय मंत्री नहीं रहे। उन्होंने अपने जीवन काल में कई प्रधानमंत्रियों के साथ देश की सेवा की और उन्हें इसलिए राजनीति का मौसम विज्ञानिक कहा जाता था।

रामविलास पासवान 1977 में पहली बार सांसद बने

देश आज रामविलास पासवान के खोने पर शोक मना रहा है वहीं देश के तमाम पार्टी के नेता शोक सवेदनाये प्रकट कर रहे हैं। रामविलास पासवान 1977 में पहली बार सांसद बने। इसके बाद 1980, 1989, 1996, 1998, 1999, 2004 और 2014 में जीत दर्ज हासिल लगातार लोकतंत्र के मंदिर संसद में पहुंच थे। हालांकि वह हमेशा जीते ऐसा नहीं था उनको हाजीपुर सीट से 1984 और फिर 2009 में हार का सामना करना पड़ा था।

बिहार के अकेले ऐसे नेता थे जो 7 बार सांसद बने थे

रामविलास पासवान दो बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और दो बार मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री रहे। 1989 से लेकर 2019 तक जिस की भी केंद्र में सरकार बनी वह सभी सरकारों में मंत्री रहे और सबके विश्वास पात्र माने जाते रहे। रामविलास पासवान मौजूदा प्रधानमंत्री मोदी के भी बहुत विश्वास पात्र माने जाते थे इसलिए रामविलास पासवान सात बार केंद्र सरकार में में मंत्री बने।

एक देश एक राशन कार्ड का श्रेय भी रामविलास पासवान को जाता है

2014 में मोदी सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रहे और दोबारा उनको इसी विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। एक देश एक राशन कार्ड का श्रेय भी रामविलास पासवान को जाता है। क्योंकि वह जानते थे देश गांव घर, पलायन करने वाले तथा राशन में देने में आ रही समस्या को जाते-जाते ठीक कर गये। देश में किसी भी वर्ग को देश के किसी भी हिस्से में राशन लेने में दिक्कत न हो इसलिए उन्होंने एक देश एक राशन कार्ड की योजना लेकर आये। उनके इस योजना की सभी दलों ने सराहा था।

1996 में रामविलास पासवान ने एनडीए का थामा था हाथ

1996 में एनडीए से रामविलास पासवान ने जुड़े थे। क्योंकि इसी साल संयुक्त मोर्चों की पार्टी गिर गई थी। जब वह 1996 में अटल बिहारी की सरकार में संचार मंत्री बने थे। गांव के आम लोगों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने का श्रेय उन्हीं को दिया जाता है। क्योंकि बिहार में हर घर से कोई न कोई व्यक्ति रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों या दूसरे देशों में पलायन कर जाते है ऐसे में उनका उनके परिवार से जुड़े रहने का साधन सिर्फ मोबाइल फोन और नेटवर्क ही था जिसको सुगम बनाने का काम रामविलास पासवान ने किया था।

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