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खेद प्रकट करने के बाद बोले राहुल गांधी- जनता की अदालत फैसला करेगी 'कमलछाप चौकीदार ही चोर है'

राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देकर टिप्पणी करने के लिए खेद प्रकट करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि 23 मई को जनता की अदालत में फैसला होकर रहेगा कि 'कमलछाप चौकीदार ही चोर है।'

खेद प्रकट करने के बाद बोले राहुल गांधी- जनता की अदालत फैसला करेगी

राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देकर टिप्पणी करने के लिए खेद प्रकट करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि 23 मई को जनता की अदालत में फैसला होकर रहेगा कि 'कमलछाप चौकीदार ही चोर है।' राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि 23 मई को जनता की अदालत में फैसला होकर रहेगा कि कमलछाप चौकीदार ही चोर है। न्याय होकर रहेगा। गरीबों से लूटकर अमीर मित्रों को लाभ देने वाले चौकीदार को सज़ा मिलेगी।



दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर कर राफेल मामले में शीर्ष अदालत के फैसले पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए खेद जताया। गांधी ने कहा कि उनकी मंशा न्यायालय का सम्मान कम करने की कत्तई नहीं थी। हालांकि गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राफेल पर न्यायालय के फैसले का इस्तेमाल कर उनकी सरकार को क्लीन चिट मिलने का दावा किया है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ ने स्पष्ट किया था कि राफेल फैसले पर मीडिया में आई राहुल गांधी की टिप्पणी में गलत तरीके से उच्चतम न्यायालय का हवाला दिया गया था। पीठ ने कहा था कि किसी भी नेता को अदालती फैसले या उसके आदेश को अपने भाषण में शामिल नहीं करना चाहिए।

शीर्ष अदालत ने 15 अप्रैल को स्पष्ट किया था कि राफेल पर उसके फैसले में ऐसा कुछ भी नहीं था जिसके हवाले से यह कहा जा सके कि चौकीदार नरेन्द्र मोदी चोर हैं। राहुल गांधी ने न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा था कि अब शीर्ष अदालत भी मानती है कि चौकीदार चोर है।

वहीं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि झूठ की कोई सीमा नहीं होती। गलत सूचना के प्रसार का कोई सीमित दायरा नहीं होता। उच्चतम न्यायालय को दिए गए राहुल जी के जवाब को भाजपा की ओर से गलत ढंग से पेश करना ही अपने आप में अदालती प्रक्रिया की अवमानना है। उन्होंने कहा, ''मामला अदालत के विचाराधीन है, इसलिए इसपर अपना फैसला देना बंद करिए। हम फिर से दोहराते हैं-एक ही चौकीदार चोर है!



न्यायालय ने इस संबंध में भाजपा सांसद और अधिवक्ता मीनाक्षी लेखी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर गांधी से स्पष्टीकरण मांगा था। न्यायालय ने 15 अप्रैल को गांधी को निर्देश दिया था कि वह 22 अप्रैल तक स्पष्टीकरण दें। न्यायालय मामले पर मंगलवार को सुनवाई करेगा। शीर्ष अदालत के निर्देश पर दायर हलफनामे में गांधी ने कहा कि उन्होंने चुनाव प्रचार के जोश में वह टिप्पणी की जिसका प्रतिद्वंद्वियों ने दुरुपयोग किया।

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