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राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी बोले- पीएम मोदी हिन्दुस्तान को कर रहे कमजोर, इंडिया में कोई लोकतंत्र नहीं

मैं एडवांस में चीज बोल देता हूं, मैंने कोरोना के बारे में बोला था कि नुकसान होने जा रहा है। उस समय किसी ने बात नहीं सुनी। आज मैं फिर से बोल रहा हूं किसान, मज़दूर के सामने कोई भी शक्ति खड़ी नहीं हो सकती।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी बोले- पीएम मोदी हिन्दुस्तान को कर रहे कमजोर, इंडिया में कोई लोकतंत्र नहीं
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राहुल गांधी, फोटो एएनआई

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर कृषि कानूनों का मुद्दा उठाया है। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से मुलाकत के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से हमने कहा कि ये जो कानून बनाए गए हैं ये किसान विरोधी हैं और इनसे किसानों,मज़दूरों का नुकसान होने वाला है। मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि किसान हटेगा नहीं, प्रधानमंत्री को ये नहीं सोचना चाहिए कि किसान, मज़दूर घर चले जाएंगे।

मैं एडवांस में चीज बोल देता हूं, मैंने कोरोना के बारे में बोला था कि नुकसान होने जा रहा है। उस समय किसी ने बात नहीं सुनी। आज मैं फिर से बोल रहा हूं किसान, मज़दूर के सामने कोई भी शक्ति खड़ी नहीं हो सकती।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगे कहा कि चीन ने भारत की हज़ारों किलोमीटर जमीन छीन ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके बारे में क्यों नहीं कहते? एक तरफ आप सिस्टम को तोड़ रहे हो, किसान, मज़दूर को मार रहे हो और बाहर से ताकतें देख रही हैं। कह रही हैं कि नरेंद्र मोदी हिन्दुस्तान को कमजोर कर रहा है, हमारे लिए अच्छे अवसर बनने जा रहे हैं।

जब पत्रकारों ने राहुल गांधी से लोकतंत्र पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि आप किस देश की बात कर रहे हैं, इंडिया में कोई लोकतंत्र नहीं है। जो है वो सिर्फ आपकी सोच में है, सच्चाई में ऐसा कुछ नहीं है।

मार्च को नहीं मिली अनुमति

बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने आज राष्ट्रपति भवन तक मार्च का आह्वान किया था, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। अंत में इजाजत मिलने के बाद राहुल गांधी समेत तीन नेता राष्ट्रपति राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंचे। इस दौरान कृषि कानूनों को वापस लेने के मसले पर राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया गया, साथ ही करीब 2 करोड़ किसानों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा गया।

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