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Defence Budget 2019 : बजट स्पीच के दौरान एक बार भी डिफेंस सेक्टर का जिक्र नहींं

केंद्र सरकार ने पहली बार अपने बजट में डिफेंस सेक्टर के लिए कोई ऐलान नहीं किया हैु। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी भाषण के दौरान एक बार भी सैन्य क्षेत्र के लिए जिक्र नहीं की। ऐसा पहली बार हो रहा है कि बजट में सभी क्षेत्रों के लिए आवंटन हो रहा हो और रक्षा क्षेत्र में कोई आवंटन न हो। सरकार ने कुछ ऐसे रक्षा उपकरणों की सीमा शुल्क पर ढील दी है जो भारत के बाहर निमार्ण हो रहे हैं।

Defence Budget 2019 : बजट स्पीच के दौरान एक बार भी डिफेंस सेक्टर का जिक्र नहींं, लंबित रहेगी सैन्य उपकरण की खरिदारीBudget 2019 Nirmala Sitharaman not mention defence sector in budget speech

केंद्र सरकार ने पहली बार अपने बजट में डिफेंस सेक्टर के लिए कोई ऐलान नहीं किया हैु। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी भाषण के दौरान एक बार भी सैन्य क्षेत्र के लिए जिक्र नहीं की। ऐसा पहली बार हो रहा है कि बजट में सभी क्षेत्रों के लिए आवंटन हो रहा हो और रक्षा क्षेत्र में कोई आवंटन न हो। सरकार ने कुछ ऐसे रक्षा उपकरणों की सीमा शुल्क पर ढील दी है जो भारत के बाहर निमार्ण हो रहे हैं।

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वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई का दावा है कि निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र में पेशन के लिए 1,12,079.57 करोड़ रूपए आवंटित किए गए हैं। वहीं रक्षा क्षेत्र में कुल आवंटन की बात करें तो करीब 431,010.79 करोड़ रुपये सरकार ने सैन्य क्षेत्र को दिया है। यह आगामी वित्त वर्ष का कुल 15.47 फीसदी धन है।

सैन्य क्षेत्र को अंतरिम बजट में क्या मिला

इसी साल फरवरी में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जब संसद में अंतरिम बजट पेश किया था तब गोयल ने वन रैंक वन पेंशन के तहत 35 हजार करोड़ रूपए का आवंटन किया था। बता दें कि यह योजना 40 सालों से अटकी हुई थी। जिसे मोदी सरकार ने अपने चुनावी वादों में शामिल किया था। इस बजट में सरकार ने सैन्य क्षेत्र में करीब 3 लाख करोड़ का धन आवंटन किया था। ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ जब इतना धन सैन्य क्षेत्र को मिला। हालांकि साल 2018 के बजट में भी सैन्य बजट का आंकड़ा इसी के आस-पास था।

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साल 2018 में सैन्य क्षेत्र को मिला बड़ा पैकेज

वित्तमंत्री अरूण जेटली ने साल 2018 के बजट में सैन्य क्षेत्र में 2,95,511 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस हिसाब से साल 2019 के अंतरिम बजट में सिर्फ 5 हजार करोड़ रूपए की बढ़त की है। इसी तरह साल 2017 में भी मोदी सरकार ने पौने तीन लाख करोड़ रूपए का बजट सैन्य क्षेत्र के लिए दिया था।

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पड़ोसी देशों का रक्षा बजट

मालूम हो कि इंटरनेशनल पीस रिसर्च कहता है कि पड़ोसी देश चीन अपने रक्षा बजट में अपनी जीडीपी का तीन फीसदी खर्च करता है। इस तरह से वह 250 बिलियन डॉलर का धन अपने रक्षा बजट के लिए आवंटित करता है। इसी तरह पाकिस्तान भी अपने डिफेंस सेक्टर में 9.6 बिलियन डॉलर का धन आवंटित करता है। ये पाकिस्तान की पूरी जीडीपी का साढ़े तीन फीसदी हिस्सा है। वहीं अमेरिका अपने रक्षा क्षेत्र में कुल 694 बिलियन डॉलर का धन खर्च करता है। इतना धन अमेरिका की जीडीपी का 3.2 प्रतिशत हिस्सा है।

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