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अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में संवर्धन के लिए 123.95 करोड़ रुपए की मंजूरी

इस सुविधा का उद्देश्य पोर्ट ब्लेयर स्थित जहाज मरम्मत सुविधाओं की वर्तमान क्षमता को दोगुनी करना और रोजगार अवसरों में बढोतरी करना तथा द्वीपवासियों की आय को बढ़ाना था।

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हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में जहाज मरम्मत सुविधाओं के संवर्धन के लिए 123.95 करोड़ रुपए की राशि के संशोधित लागत आकलनों को मंजूरी दे दी है। वहीं पोर्ट ब्लेयर में ड्राई डॉक की विस्तार सुविधा जहाजरानी उद्योग द्वारा अगस्त 2021 तक उपलब्ध कराने का ऐलान भी किया गया है। केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि जहाजरानी गतिविधियां अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह से अधिकांश विकास गतिविधियों जुड़ी हुई हैं। जहाजरानी गतिविधियों को बिना किसी बाधा के जीवंत बनाये रखने के लिए जहाज मरम्मत सुविधाओं को विकसित किए जाने की आवश्यकता है। इसलिए मंत्रालय जहाज आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि के कारण पोर्ट ब्लेयर में वर्तमान मरम्मत सुविधाओं को जहाजरानी मंत्रालय द्वारा वर्द्धित किया जा रहा है।

इस मजूंरी के बाद विद्यमान डॉक की लंबाई 90 मीटर तक बढ़ा दी जाएगी, जिससे अभिवर्द्धन जहाज निर्माण एवं जहाज मरम्मत उद्योग को बढ़ावा देगा तथा भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल को सुगम बनायेगा। दक्षिण अंडमान के पोर्ट ब्लेयर में आपूर्ति, ड्राई डौक पंप एवं ऐसेसरी की स्थापना एवं कमीशनिंग सहित एक मैरीन डॉकयार्ड पर ड्राई डॉक-2 का विस्तार'नामक परियोजना को जहाजरानी मंत्रालय द्वारा फरवरी 2016 के दौरान 42 महीने की पूर्णता की निर्धारित तिथि के साथ केंद्रीय क्षेत्र स्कीम के तहत 96.24 करोड़ रुपये तक की मंजूरी दी गई थी। इस कार्य का दायरा अधिक और बड़े पोतों को समायोजित करने के लिए वर्तमान डॉक की लंबाई को 90 मीटर विस्तारित करना था।

मरम्मत सुविधाओं की क्षमता को दोगुना करना मकसद
इस सुविधा का उद्देश्य पोर्ट ब्लेयर स्थित जहाज मरम्मत सुविधाओं की वर्तमान क्षमता को दोगुनी करना और रोजगार अवसरों में बढोतरी करना तथा द्वीपवासियों की आय को बढ़ाना था। मंत्रालय के अनुसार मार्च 2017 में शुरू हुई इस परियोजना में कुछ तकनीकी बदलाव के कारण लागत एवं समय दोनों में ही अत्यधिक वृद्धि हो गई। अब जहाजरानी मंत्रालय ने 123.95 करोड़ रुपए की राशि के लिए संशोधित लागत आकलन को मंजूरी दे दी है। ड्राई डॉक की विस्तार सुविधा जहाजरानी उद्योग द्वारा अगस्त 2021 तक उपलब्ध करा दी जाएगी।


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