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अमित शाह की राहुल गांधी को चुनौती, बोले राहुल बाबा कानून पढ़ा हो तो चर्चा के लिए आ जाओ नहीं तो...

ये नरेंद्र मोदी का शासन है, किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। बेशुमार अत्याचार के बाद जो यहां आये हैं, मोदी जी की सरकार आप सभी को नागरिकता देकर भारतीय होने का गौरव प्रदान करने जा रही है।

अमित शाह की राहुल गांधी को चुनौती, बोले राहुल बाबा कानून पढ़ा हो तो चर्चा के लिए आ जाओ नहीं तो...अमित शाह की राहुल गांधी को चुनौती

राजस्थान के जोधपुर में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थन में विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान अमित शाह ने राहुल गांधी को चर्चा करने के लिए चुनौती भी दी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा ने देशभर में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जनजागरण अभियान का आयोजन किया है। क्यों ये आयोजन करना पड़ा? क्योंकि जिस कांग्रेस को वोटबैंक की राजनीति की आदत पड़ गई है, उसने इस कानून पर दुष्प्रचार किया है।

भाजपा अपने फैसले पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी

सीएए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध, ईसाई लोग, जो धर्म के आधार पर प्रताड़ित होकर आए हैं। उन्हें नागरिकता देने का कानून है। विपक्षी इसके खिलाफ एकजुट हो जाएं, लेकिन भाजपा इस फैसले पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी।

शरणार्थियों पर जो प्रताड़ना हुई है, इससे बड़ा मानवाधिकार का उल्लंघन कभी नहीं हुआ। वहां ये शरणार्थी भाई करोड़पति थे और आज उनके पास रहने की जगह नहीं है। वहां उनके पास कई बीघा जमीन थी और यहां उनके पास खाने को कुछ नहीं है।

कांग्रेस पार्टी वोट बैंक के डर से हिम्मत नहीं कर पाई

ये महात्मा गांधी जी का वादा था, क्या वो सांप्रदायिक थे? जवाहरलाल नेहरू ने भी संसद में कहा था कि जो हिन्दू या सिख आये हैं, हम उन्हें नागरिकता देंगे, क्या वो सांप्रदायिक थे? सरदार पटेल, मौलाना आजाद, राजेंद्र प्रसाद जैसे लोगों ने कहा था।

कांग्रेस पार्टी वोट बैंक के डर से हिम्मत नहीं कर पाई। लेकिन 56 इंच की छाती वाले नरेंद्र मोदी जी ने कहा कि ये जो लाखों करोड़ों शरणार्थी आएं हैं, इनके मानवाधिकार और सम्मान की रक्षा मैं करूंगा।

अमित शाह ने राहुल गांधी को चुनौती दी

कांग्रेस पार्टी गुमराह कर रही है, वो कह रही है कि ये कानून धर्म के आधार पर भेदभाव करेगा। किसी भी धर्म को हमने बाकी नहीं रखा है, इन 3 देशों जो अल्पसंख्यक हैं चाहे वो हिन्दू हो, सिख हो, जैन, बौद्ध, पारसी या ईसाई हो इन सभी को हम नागरिकता दे रहे है।

अमित शाह ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुआ कहा कि राहुल बाबा कानून पढ़ा है तो कहीं पर भी चर्चा के लिए आ जाओ। नहीं पढ़ा है तो मैं इटालियन में भी इसका अनुवाद करके आपको भेज देता हूं, पढ़ लीजिए।

मोदी सरकार नागरिकता देकर भारतीय होने का गौरव प्रदान करेगी

जो शरणार्थी अत्याचार झेलकर भारत आए हैं, जिनकी संपत्ति, रोजगार छीन लिया गया। जिसका परिवार छिन गया, और उनके लिए विपक्षी कहते हैं कि इन्हें नागरिकता नहीं दी जाए। मैं कहना चाहता हूं कि उन देशों से जो शरणार्थी आए हैं वो भारत के ही हैं।

ये नरेंद्र मोदी का शासन है, किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। बेशुमार अत्याचार के बाद जो यहां आये हैं, मोदी जी की सरकार आप सभी को नागरिकता देकर भारतीय होने का गौरव प्रदान करने जा रही है।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक प्रतिशत घटा

नेहरू-लियाकत समझौते में दोनों देशों के अल्पसंख्यकों के संरक्षण का भरोसा दिया गया था। हमारे यहां अल्पसंख्यक भाई-बहनों को सम्मान से रखा गया। लेकिन पाकिस्तान में अल्पसंख्यक 23 प्रतिशत से 3 प्रतिशत पर आ गए। अब नेहरू-लियाकत समझौते पर अमल हम करेंगे।

दीदी से डरने की जरूरत नहीं

ममता दीदी कह रही हैं कि आपकी लाइने लग जाएंगी, आपसे प्रूफ मांगे जाएंगे। मैं बंगाल में बसे हुए सारे शरणार्थी भाइयों को कहना चाहता हूं कि आपको कोई प्रताड़ना नहीं झेलनी पड़ेगी, आपको सम्मान के साथ नागरिकता दी जाएगी। दीदी से डरने की जरूरत नहीं है। मैं ममता दीदी को कहना चाहता हूं कि बंगाली भाषी शरणार्थी हिंदू, दलितों ने आपका क्या बिगाड़ा है, क्यों इनकी नागरिकता का विरोध कर रही हो?

मिस्ड कॉल देकर कानून के लिए अपना समर्थन दीजिए

मेरा आप सबसे करबद्ध निवेदन है कि राहुल बाबा, ममता दीदी, केजरीवाल की टोली को जवाब देने के लिए अपने मोबाइल से 88662-88662 पर मिस्ड कॉल देकर नरेंद्र मोदी जी को नागरिकता संशोधन कानून के लिए अपना समर्थन दीजिए।

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