PM Modi Lok Sabha quotes on West Asia: पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की घेराबंदी या अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बाधा डालना भारत को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने खाड़ी देशों में रहने वाले 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया और बताया कि सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा स्वीकार्य नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और यातायात में रुकावट डालना भारत के लिए कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत कूटनीति के माध्यम से लगातार प्रयास कर रहा है कि युद्ध के इस माहौल में भी भारतीय जहाजों का आवागमन सुरक्षित रहे। पीएम ने यह भी साझा किया कि भारत ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को 20 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है, जिससे बाहरी निर्भरता कम हुई है।
खाड़ी में रहने वाले 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा
खाड़ी देशों में रह रहे करीब 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं खाड़ी देशों के नेताओं के संपर्क में हैं और वहां के शासकों ने भारतीयों की सुरक्षा का पूर्ण आश्वासन दिया है। भारतीय दूतावासों में 24/7 हेल्पलाइन और आउटरीच रूम स्थापित किए गए हैं ताकि किसी भी भारतीय को कोई असुविधा न हो।
Speaking in the Lok Sabha. https://t.co/BIrR385m4O
— Narendra Modi (@narendramodi) March 23, 2026
बड़े स्तर पर सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
प्रधानमंत्री ने सदन को जानकारी दी कि जब से युद्ध शुरू हुआ है, तब से अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं। ईरान से भी लगभग 1,000 भारतीयों की सुरक्षित वापसी हुई है, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं। इसके साथ ही, खाड़ी देशों में पढ़ रहे छात्रों की चिंता करते हुए सीबीएसई (CBSE) ने वहां की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं फिलहाल टाल दी हैं ताकि छात्रों की शिक्षा बाधित न हो।
ईंधन और रसोई गैस की निरंतर आपूर्ति
पीएम मोदी ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का 60 प्रतिशत एलपीजी (LPG) आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज मार्ग से आता है। युद्ध के कारण इस मार्ग पर चुनौतियां बढ़ी हैं, लेकिन सरकार ने घरेलू एलपीजी उत्पादन को बढ़ाने और आयात के स्रोतों में विविधता लाने पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ता हैं और देश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।










