मुंबई: मुंबई के वर्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम ने उस वक्त सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जब बॉलीवुड के 'भाईजान' यानी सलमान खान दर्शकों की दीर्घा में नजर आए। यह मौका था 'संघ की 100 साल की यात्रा: नए क्षितिज' व्याख्यान श्रृंखला का, जहा सलमान खान ने बेहद सादगी के साथ बैठकर संघ प्रमुख मोहन भागवत के विचारों को सुना।
ग्लैमर और वैचारिक मंथन के इस दुर्लभ संगम ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि हिंदुत्व और राष्ट्रीयता पर एक नई चर्चा को भी जन्म दिया है।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: RSS Chief Mohan Bhagwat says, "...Everyone needs to be active; the times demand it, and we face many challenges. There are selfish and monopolistic forces in the world working to prevent India from rising... If the entire Hindu society stands… https://t.co/w99eIGkf1k pic.twitter.com/jAqeUwHoLI
— ANI (@ANI) February 7, 2026
मोहन भागवत ने पेश की हिंदुत्व की व्यापक परिभाषा
संबोधन के दौरान सरसंघचालक मोहन भागवत ने हिंदुत्व को किसी संकुचित दायरे में बांधने के बजाय उसे भारत की मौलिक पहचान बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 'हिंदू' शब्द किसी विशेष पूजा पद्धति या धर्म का विरोधी नहीं है।
भागवत के अनुसार, भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक सीमा के भीतर रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है क्योंकि हमारी जड़ें और सभ्यता एक ही हैं।
संघ के मंच पर सलमान खान की मौजूदगी के मायने
आमतौर पर राजनीतिक और वैचारिक कार्यक्रमों से दूरी बनाकर रखने वाले सलमान खान का संघ के इस बौद्धिक सत्र में पहुंचना एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। कार्यक्रम में उनके साथ फिल्म निर्माता सुभाष घई और गीतकार प्रसून जोशी भी मौजूद थे।
जानकारों का मानना है कि सलमान खान जैसी वैश्विक हस्ती का भागवत के भाषण को सुनना यह दर्शाता है कि संघ अब समाज के हर वर्ग, विशेषकर अल्पसंख्यकों और युवाओं के बीच अपनी पैठ और स्वीकार्यता बढ़ा रहा है।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: RSS Chief Mohan Bhagwat says, "...There are constant squabbles among people (of different religions)... But the country has never broken apart, except for that one time when the Hindu spirit was forgotten... Our worship, our language, everything will… https://t.co/piqit9kVnB pic.twitter.com/VXJW36kAU2
— ANI (@ANI) February 7, 2026
'हिंदू' संज्ञा नहीं बल्कि सुरक्षा की गारंटी है
भागवत ने अपने भाषण में जोर दिया कि हिंदुत्व को स्वीकार करने का अर्थ अपनी व्यक्तिगत आस्था या भाषा को छोड़ना नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व ही वह तत्व है जो भारत की विविधता को सुरक्षा प्रदान करता है और सबको एक सूत्र में पिरोता है।
उन्होंने विभाजन की त्रासदी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा से सभी धर्मों का सम्मान किया है क्योंकि यह हमारा हिंदू स्वभाव है।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: RSS Chief Mohan Bhagwat says, "...India has a constitution. It was created because of the Indian mindset... The country was divided into separate parts for Muslims and Hindus. But the newly separated Pakistan declared itself a Muslim nation. Pakistan… https://t.co/u4rABeqLwv pic.twitter.com/tTWr6Q6IHY
— ANI (@ANI) February 7, 2026
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: Regarding Swadeshi (self-reliance), RSS Chief Mohan Bhagwat says, "...What's made in our own homes shouldn't be brought from outside. Excellent spiced buttermilk or lemonade can be made at home... There are people here who sell buttermilk. There are… https://t.co/srzbqHlNzD pic.twitter.com/qJc7y9ure2
— ANI (@ANI) February 7, 2026
विरोधियों के दावों पर संघ का दोटूक जवाब
मोहन भागवत ने उन धारणाओं को भी खारिज किया जिसमें संघ को किसी वर्ग विशेष के खिलाफ बताया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का उद्देश्य किसी का विरोध करना नहीं, बल्कि देश को संगठित कर उसे 'विश्व गुरु' के पद पर आसीन करना है।
उन्होंने समाज के उन वर्गों को भी साथ आने का आह्वान किया जो अब तक संघ की विचारधारा से असहमत रहे हैं, ताकि राष्ट्र निर्माण में सबका योगदान सुनिश्चित हो सके।











