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टेस्ट में पास दवाइयां भी भरोसेमंद नहीं, एक बार फिर होगा ट्रायल!

सीजीएमएससी से ओके होकर आने वाली कई दवाइयां मरीजों पर अपेक्षित असर ही नहीं कर रही है।

टेस्ट में पास दवाइयां भी भरोसेमंद नहीं, एक बार फिर होगा ट्रायल!
रायपुर. सीजीएमएससी से ओके होकर आने वाली कई दवाइयां मरीजों पर अपेक्षित असर ही नहीं कर रही है। जिसके कारण सरकारी सप्लाई की जेनेरिक दवाइयों की गुणवत्ता पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने ही सवाल खड़े कर दिए थे। इसी को देखते हुए यह फैसला किया गया है कि अब दवाओं की सप्लाई लेने से पहले एक बार फिर उसका मरीजों पर परीक्षण किया जाएगा।
जांच परखकर ओके की गई दवाओं का परीक्षण एक बार फिर से मरीजों पर होगा। बीमारी पर कारगर असर होने के बाद ही इसकी डिमांड सीजीएमएससी से की जाएगी। मेडिकल ट्रायल के लिए शासन स्तर पर पत्राचार भी किया जा चुका है।सीजीएमएससी किसी भी दवा को खरीदने से पहले उसकी जांच कराता है। इसकी रिपोर्ट ओके आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाती है, लेकिन कई बार यह बात सामने आई कि टेस्ट के बाद पास हुई दवाइयां मरीजों पर कारगर असर दिखा ही नहीं रही हैं। जिसके कारण सरकारी अस्पतालों के विश्वास पर भी सवालिया निशान लगता जा रहा है।
हालत यह है कि मरीज आधे-अधूरे उपचार में ही सरकारी अस्पताल छोड़कर प्राइवेट में जा रहे हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज रायपुर में बेहोशी की दवाओं के भी सही असर नहीं होने की घटना सामने आई थी। जिसके बाद शासन ने इस दवा के पूरे बैच को ही हटवा लिया था। सीजीएमएससी जो दवाएं खरीद रहा हैं, उसका एक बार और परीक्षण हम मरीजों पर करेंगे। यदि यह दवा असरकारक होगी, तभी उसकी सप्लाई अस्पतालों में कराई जाएगी। इसे लेकर हमने पत्राचार भी शासन स्तर पर कर लिया है।
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