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आमतौर पर सर्दियों में घूमने का प्लान बनाते समय शिमला, श्रीनगर या नैनीताल सबसे पहले याद आते हैं। लेकिन अगर आप कम भीड़-भाड़ वाले और बेहद खूबसूरत नेचुरल स्पॉट्स पर जाना चाहते हैं तो हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे ही स्थलों के बारे में। जहां आप अपनी विंटर टूर प्लानिंग कर सकते हैं।

Tourist place: आमतौर पर सर्दियों में घूमने का प्लान बनाते समय शिमला, श्रीनगर या नैनीताल सबसे पहले याद आते हैं। लेकिन अगर आप कम भीड़-भाड़ वाले और बेहद खूबसूरत नेचुरल स्पॉट्स पर जाना चाहते हैं तो हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे ही स्थलों के बारे में। जहां आप अपनी विंटर टूर प्लानिंग कर सकते हैं।

अगर आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं और इन सर्दियों के मौसम में किसी नेचुरल जगह पर समय बिताना चाहते हैं तो देश के बाहर जाने की जरूरत नहीं। अपने देश में सर्दियों के लिहाज से कई खूबसूरत जगहें हैं, जहां आपको लोगों की भीड़ कम मिलेगी। साथ ही यहां आपको कुछ बेहद अनोखे नजारे देखने को मिलेंगे, जो आपकी बहुत सुकून देंगे। आइए इनके बारे में जानते हैं।

जीभी, हिमाचल प्रदेश
उफनती नदियों, लहलहाती हरियाली से भरी घाटियों और ऊंचाइयों से बहती जलधारा के साथ मनभावन ध्वनि करते जलप्रपातों के बीच छुट्टियां बिताना भला किसे नहीं पसंद आता है। अगर आपकी भी ऐसी चाहत रखते हैं, तो  शानदार विंटर डेस्टिनेशन जीभी का प्लान बना लीजिए। जीभी, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू की बंजार घाटी में स्थित एक गांव है। इसको मिनी थाइलैंड भी कहा जाता है। क्योंकि सोलो ट्रैवलर्स हों या कपल्स, परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताना हो या फिर दोस्तों के साथ एन्जॉय करना हो, यहां हर किसी के लिए मनोरंजन और सुकून का खजाना है। यहां आप एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद उठा सकते हैं। फोटोग्राफी और नेचर वॉक का भी यहां अच्छा स्कोप है। आपको ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, सेरलोस्कर लेक और जालोरी दर्रा घूमने का विशेष आनंद मिलेगा।

लावा, पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल के कालीम्पोंग जिला का एक छोटा-सा कस्बा है लावा। यह बेहद शांत पर्यटन स्थल है। विश्व प्रसिद्ध कंचनजंगा पर्वत श्रंखला की गोद में बसा हुआ लावा कस्बा अपने दिलकश प्राकृतिक नजारों से हर किसी का दिल जीत लेता है। यह स्थान चारों तरफ से कुहासे की चादर और बादलों में डूबे पहाड़ों से घिरा है। साथ ही यहां हरी-भरी घाटियों का मनमोहक नजारा देखने को मिलता है। आप नेचर लवर हैं या एडवेंचर पसंद करते हैं तो लावा आपके लिए एक मुफीद टूरिस्ट प्लेस है। आपको यहां ट्रैकिंग करने, वन्य जंतुओं से रूबरू होने, बर्ड वॉचिंग और फोटोग्राफी का खूब मौका मिलेगा। अगर आपको यहां जाने का मौका मिले तो रिंबिक, रिशप, नेवरा नेशनल पार्क, शेरपा व्यू प्वॉइंट जरूर घूमें।

लांबासिंगी, आंध्र प्रदेश
आपने कभी दक्षिण भारत में स्नोफॉल के बारे में सुना है या फिर कल्पना भी की है? लेकिन आंध्र प्रदेश के कश्मीर के नाम से फेमस लांबासिंगी में आप स्नोफॉल का लुत्फ आसानी से उठा सकते हैं। अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, लश ग्रीन टी और कॉफी प्लांटेशन के आकर्षण के बावजूद यह कम भीड़ वाला टूरिस्ट प्लेस है। इस जगह को कोरा बयालु भी कहते हैं, इसका अर्थ है कि कोई रात को खुले में बाहर रह गया तो सुबह तक वह स्टिक की तरह जम जाएगा। विशेष तौर पर जनवरी तक यहां स्नोफॉल का मजा लिया जा सकता है। यहां वाइल्डलाइफ सफारी, साइट सीइंग, फोटोग्राफी और नेचर वॉक कर सकते हैं। यहां जाएं तो प्रसिध्द स्थान ताजंगी रिजर्वाय, सूजेन गार्डन, घाट रोड और कोंडकरला बर्ड सैंक्चुअरी देखना ना भूलें।

खोनोमा-कोहिमा, नागालैंड
खोनोमा, नागालैंड की राजधानी कोहिमा और पड़ोसी देश म्यांमार (पूर्व में बर्मा) की सीमा से लगा जिला है। यहां पहाड़ियों के बीच आपको एक अनूठा सुकून मिलेगा। इस जगह पर आपको बांस से बना अचार खाने को मिलेगा। इस गांव को टूरिज्म एक्सपर्ट छिपा हुआ हीरा कहते हैं। इसे देश के पहले ग्रीन विलेज का दर्जा भी मिला है। यहां बांस से बनी हस्तकला की वस्तुएं बेहद प्रसिद्ध हैं। कोहिमा में दजुकोउ घाटी और जाफफू चोटी, कोहिमा म्यूजियम, चोफेमा गांव, कोहिमा जू, खोनोमा गांव, शिलोई झील, कोहिमा वार सिमिट्री, कोहिमा कैथेड्रल, नागा हेरीटेज विलेज किसामा, नटांग्की वाइल्ड लाइफ सेंचुरी जरूर देखें। यहां का मौसम, साफ-सफाई और कुदरती सौंदर्य आपके मन में सदा के लिए बस जाएंगे।

तवांग, अरुणाचल प्रदेश
एडवेंचर के शौकीन लोगों के लिए तवांग स्वर्ग जैसा स्थान है। यहां दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बौद्ध मठ मौजूद है। साथ ही कई प्राचीन बौद्ध मठ भी हैं। दलाई लामा की जन्मभूमि तवांग भारत ही नहीं विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी पसंदीदा डेस्टिनेशन है। यहां आपको बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षु नजर आएंगे। समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ यहां प्राकृतिक सौंदर्य भी देखने लायक है। यहां तवांग मठ, सेला पास, नूरानंग झरना, माधुरी झील, गोरीचेन चोटी, तवांग वार मेमोरियल, जसवंतगढ़ और पी.टी.त्यो झील जरूर देखें। साथ ही टूर को सदा याद रखने के लिए यहां की खास चीजों जैसे- क्रॉकरी, स्वेटर, जूते, हैंड बैग, ट्रेडिशनल ज्वेलरी, प्रेयर व्हील, धार्मिक रंग-बिरंगी झंडियां खरीद सकते हैं।

मेचुका, अरुणाचल प्रदेश
समुद्र तट से 6,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, मेचुका घाटी। मेचुका एक छोटा-सा कस्बा है, जो चारों तरफ हरियाली और पहाड़ियों से घिरा हुआ एक मनोरम पर्यटन स्थल है। यहां कल-कल बहती सियोन नदी और हरे-भरे जंगल मन को आंतरिक सुकून देते हैं। शहर की भागम-भाग और शोरगुल से दूर यह स्थान हर किसी के मन को भाता है। यहां पर मनोरंजन और घूमने-फिरने के पर्याप्त साधन उपलब्ध हैं। यहां आपको मेंबा जनजाति की जीवनशैली को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा। साथ ही आप यहां घुड़सवारी, फोटोग्राफी, साइट सीइंग और ट्रैकिंग का भी आनंद उठा सकते हैं। यहां जाएं तो प्रसिध्द स्थल मेचुका व्यू प्वॉइंट और 400 वर्ष पुराना सामतेन योंगचा मठ भी अवश्य देखें।

शिखर चंद जैन

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