Cumin Plantation: भारतीय किचन में जीरा ऐसा मसाला है, जो लगभग हर सब्जी, दाल और तड़के में इस्तेमाल होता है। स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ जीरा पाचन और सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही जीरा आप आसानी से घर में गमले या किचन गार्डन में उगा सकते हैं?
बढ़ती महंगाई और केमिकल्स से भरे मसालों के बीच लोग अब ऑर्गेनिक विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में घर पर उगा हुआ जीरा न सिर्फ शुद्ध होता है, बल्कि इसकी खुशबू और स्वाद भी ज्यादा बेहतर होता है। आइए जानते हैं जीरा उगाने का सही तरीका और उसकी पूरी देखभाल।
जीरा उगाने के लिए जरूरी सामग्री
- जीरे के बीज (अच्छी क्वालिटी के)
- गमला या क्यारी
- उपजाऊ मिट्टी
- गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट
- पानी
- धूप वाली जगह
जीरा लगाने का सही समय
जीरा ठंडे मौसम की फसल है। इसे अक्टूबर से नवंबर के बीच लगाना सबसे अच्छा माना जाता है। इस समय तापमान अनुकूल होता है, जिससे बीज अच्छे से अंकुरित होते हैं।
मिट्टी की तैयारी कैसे करें
जीरा उगाने के लिए मिट्टी का भुरभुरा और अच्छी जल निकासी वाला होना जरूरी है। मिट्टी में बराबर मात्रा में गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिलाएं। गमले में पानी जमा न हो, इसका खास ध्यान रखें।
जीरा प्लांट करने की विधि
सबसे पहले जीरे के बीजों को 8-10 घंटे पानी में भिगो दें। इससे अंकुरण जल्दी होता है। अब गमले की मिट्टी में 1-1.5 सेंटीमीटर गहराई पर बीज डालें और हल्की मिट्टी से ढक दें। पानी का छिड़काव करें, लेकिन ज्यादा पानी न डालें।
सिंचाई और धूप का ध्यान
सिंचाई और धूप का ध्यानजीरा के पौधे को रोज़ तेज पानी की जरूरत नहीं होती। मिट्टी हल्की नम रखें। गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोज़ कम से कम 5-6 घंटे धूप मिले। ज्यादा पानी या छांव में रखने से पौधा खराब हो सकता है।
जीरा पौधे की देखभाल कैसे करें
बीज बोने के 7-10 दिन में छोटे पौधे निकलने लगते हैं। हर 15 दिन में हल्की जैविक खाद डालें। खरपतवार निकालते रहें और कीड़े लगने पर नीम के पानी का छिड़काव करें।
कटाई का सही समय
लगभग 3-4 महीने में जीरा की फसल तैयार हो जाती है। जब पौधे सूखने लगें और बीज भूरे रंग के दिखें, तब कटाई करें। कटाई के बाद पौधों को धूप में सुखाकर जीरा अलग कर लें।
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