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जानें किस उम्र में होता है बच्चों का मूड स्विंग, पैरेंट्स भूलकर भी न करें ये गलती

टेनएज में ज्यादातर बच्चे मूड स्विंग की प्रॉब्लम से दो-चार होते हैं। लेकिन जब यह प्रॉब्लम ज्यादा बढ़ जाती है तो बच्चे के साथ-साथ पैरेंट्स के लिए भी परेशानी का सबब बनती है।

जानें किस उम्र में होता है बच्चों का मूड स्विंग, पैरेंट्स भूलकर भी न करें ये गलती
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टेनएज में ज्यादातर बच्चे मूड स्विंग की प्रॉब्लम से दो-चार होते हैं। लेकिन जब यह प्रॉब्लम ज्यादा बढ़ जाती है तो बच्चे के साथ-साथ पैरेंट्स के लिए भी परेशानी का सबब बनती है। ऐसे में पैरेंट्स को बच्चों की इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन निकालना चाहिए, उन्हें इमोशनल सपोर्ट देना चाहिए।

कई बार पैरेंट्स को अपने टेनएज बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव देखने को मिलता है। कभी छोटी-सी बात पर गुस्सा हो जाते हैं तो कभी बिना बात खीझने लगते हैं। दरअसल, ऐसा मूड स्विंग की वजह से होता है। लेकिन पैरेंट्स अकसर बच्चे की इस परिस्थिति को ईजिली समझ नहीं पाते। टेनएज में मूड स्विंग होना एक कॉमन प्रॉब्लम है। अगर पैरेंट्स टेनएज बच्चे के मूड स्विंग की वजह जानकर इमोशनली सपोर्ट करें तो परिस्थिति को हैंडल कर सकते हैं।

ये है वजह

टेनएज में मूड स्विंग का एक बड़ा कारण शारीरिक बदलाव है। इससे बच्चे के व्यवहार में भी बदलाव होने लगता है। दरअसल, कई बार बच्चा अचानक हो रहे शारीरिक बदलाव को समझ नहीं पाता, इससे उसको उलझन होने लगती है। जब वह अपनी इस उलझन को किसी से शेयर नहीं कर पाता, तब उसे तनाव होता है। हालांकि ऐसा सिचुएशन के बहुत ज्यादा बिगड़ने पर होता है। इसलिए जब बच्चे को मूड स्विंग हो तो उसके पीछे छिपी वजह को जानने की कोशिश करें।

कॉन्शस रहें

बच्चे के मूड स्विंग के दौरान पैरेंट्स को बच्चे के व्यवहार को लेकर कॉन्शस रहना चाहिए। उनके मन में क्या चल रहा है, उसे जानने की कोशिश करनी चाहिए। बच्चे से भी बातचीत करें। उसके मन में छिपी भावनाओं को जानें-समझें। अगर आप समझ नहीं पा रही हैं कि बच्चे का मूड स्विंग क्यों हो रहा है तो इस संबंध में विशेषज्ञों की सलाह लें। इसके लिए हिचकिचाएं नहीं। इस तरह कॉन्शस रहकर आप बच्चे को मूड स्विंग की कंडीशन से बाहर आने में मदद कर सकती हैं।

सपोर्ट करें

मूड स्विंग के दौरान पैरेंट्स को अपने बच्चे को पूरी तरह सपोर्ट करना चाहिए। उसकी हर बात को ध्यान से सुनें। कई बार बच्चे बिना किसी वजह के भी मूड स्विंग का शिकार हो जाते हैं। उन्हें अपनी छोटी सी प्रॉब्लम भी बहुत बड़ी नजर आती है। बच्चे की प्रॉब्लम को छोटा न समझें। समाधान पर बातचीत करें, उसे हमेशा इमोशनल सपोर्ट दें।

डिप्रेशन की वजह से जब हो मूड स्विंग

कई बार बच्चों को डिप्रेशन की वजह से मूड स्विंग होता है। ऐसी सिचुएशन में पैरेंट्स को धैर्य बनाए रखना चाहिए। अगर किसी वजह से बच्चा डिप्रशन में है तो उसको समझने की कोशिश करें। उसे डांटे नहीं, इससे बच्चा आहत होता है। इस दौरान अगर बच्चे से कुछ गलती हो जाए तो उसे गलती सुधारने का मौका दें। उसकी पूरी बात सुनें, सही राह दिखाएं। बच्चे को डिप्रेशन से बाहर निकालने के लिए मनोवैज्ञानिक की मदद जरूर लें।

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