Rose Plantation: घर का बगीचा गुलाब के फूलों से भर जाएगा, इस तरीके से प्लांटेशन कर देखभाल करें

Rose Plantation: गुलाब के फूल न सिर्फ देखने में खूबसूरत होते हैं, बल्कि घर के बगीचे की रौनक भी कई गुना बढ़ा देते हैं। अक्सर लोग गुलाब लगाते तो हैं, लेकिन सही जानकारी के अभाव में पौधे अच्छे से फूल नहीं देते। सही प्लांटेशन और नियमित देखभाल से गुलाब का पौधा लंबे समय तक हरा-भरा और फूलों से लदा रह सकता है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका घर का बगीचा गुलाब के रंग-बिरंगे फूलों से भर जाए, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। मिट्टी की तैयारी से लेकर पानी, खाद और कटाई तक, हर स्टेप का सही होना गुलाब की बेहतर ग्रोथ के लिए जरूरी होता है।
गुलाब प्लांटेशन और केयर टिप्स
गुलाब लगाने के लिए सही जगह का चुनाव: गुलाब के पौधे को ऐसी जगह लगाना चाहिए जहां रोज़ कम से कम 5-6 घंटे की धूप मिले। धूप की कमी होने पर पौधा तो बढ़ता है, लेकिन फूल कम आते हैं। बालकनी, छत या खुले आंगन की जगह गुलाब के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
मिट्टी की सही तैयारी क्यों है जरूरी: गुलाब के लिए भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी सबसे बेहतर होती है। मिट्टी में गार्डन सॉयल, गोबर की सड़ी खाद और थोड़ी रेत मिलाकर मिश्रण तैयार करें। इससे मिट्टी में जल निकास अच्छा रहता है और जड़ें मजबूत बनती हैं। गमले के नीचे छेद होना भी जरूरी है ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके।
गुलाब की प्लांटेशन का सही तरीका: गुलाब के पौधे को लगाते समय जड़ों को ज्यादा दबाएं नहीं। पौधे को गमले या जमीन में सीधा रखें और चारों ओर से मिट्टी भरकर हल्के हाथ से दबाएं। लगाने के बाद हल्का पानी दें ताकि मिट्टी जड़ों से अच्छी तरह चिपक जाए।
पानी देने का सही नियम: गुलाब के पौधे को जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है। मिट्टी सूखने पर ही पानी दें। गर्मियों में रोज़ हल्का पानी दिया जा सकता है, जबकि सर्दियों में 2-3 दिन में एक बार पानी देना काफी होता है।
खाद और पोषण का रखें खास ध्यान: हर 15-20 दिन में गुलाब के पौधे में वर्मी कम्पोस्ट या गोबर की खाद डालें। फूलों की संख्या बढ़ाने के लिए सरसों की खली या केले के छिलकों से बनी खाद भी फायदेमंद होती है। सही पोषण से पौधा लगातार फूल देता है।
कटाई-छंटाई से बढ़ेगी फूलों की संख्या: समय-समय पर सूखी और कमजोर टहनियों की कटाई करने से पौधे की एनर्जी नए फूल बनाने में लगती है। फूल मुरझाने के बाद उन्हें काट देना भी जरूरी होता है।
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