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हाइपरटेंशन क्या होती है, जानें हाइपरटेंशन के कारण और उपचार

Health Tips : हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर। यह एक ऐसी बीमारी है जो तेजी से बढ़ रही है और लोग इसे आम समस्या समझते हैं। हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी जिसमें कोई खास लक्षण नहीं दिखते और यह बिना किसी चेतावनी के आती है इसलिए इसे साइलेंट किलर कहते हैं। इसलिए आज हम आपको हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर के कारण और उसके उपचार के बारे में बता रहे हैं।

हाइपरटेंशन क्या होती है, जानें हाइपरटेंशन के कारण और उपचार

Health Tips : हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर। यह एक ऐसी बीमारी है जो तेजी से बढ़ रही है और लोग इसे आम समस्या समझते हैं। हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी जिसमें कोई खास लक्षण नहीं दिखते और यह बिना किसी चेतावनी के आती है इसलिए इसे साइलेंट किलर कहते हैं। इसलिए आज हम आपको हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर के कारण और उसके उपचार के बारे में बता रहे हैं।

हाइपरटेंशन क्या होती है

हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर। यह एक ऐसी बीमारी है जो तेजी से बढ़ रही है और लोग इसे आम समस्या समझते हैं। लेकिन हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी जिसके कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते और यह बिना किसी चेतावनी के शरीर पर अपना असर छोड़ती है, इसलिए इसे साइलेंट किलर कहा जाता है।

हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) के कारण :

इन वजहों से बढ़ता है ब्लड प्रेशर

1.कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना

2.मोटापा

3.आनुवांशिक कारण

4.ज्यादा मांसाहार का सेवन

5.ज्यादा तैलीय भोजन करना

6.शराब पीना

हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) का प्रभाव :

हर 3 में से 1 व्यक्ति पीड़ित

आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनियाभर में हर 3 में से 1 व्यक्ति हाइपरटेंशन की समस्या से पीड़ित है। एक अनुमान के मुताबिक 2020 तक शहरी इलाकों में हाइपरटेंशन की घटनाएं 20 से 40% तक और ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 17% तक होने की संभावना है।

हार्ट-किडनी सहित अन्य अंग पर हमला

हाइपरटेंशन कई कारणों से होता है, जिनमें से कुछ कारण शारीरिक और कुछ मानसिक होते हैं। हाइपरटेंशन में हार्ट, किडनी व शरीर के अन्य अंग काम करना बंद कर सकते हैं। इसके अलावा हाई बीपी के कारण आंखों पर भी असर पड़ता है। हाइपरटेंशन में रक्तचाप 140 के पार पहुंच जाता है। इसलिए इस बीमारी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

90 फीसदी लोग नहीं हैं जागरूक

इस बीमारी से ग्रस्त 90 प्रतिशत रोगियों को हाइपरटेंशन के कारण के बारे में भी जानकारी नहीं है। अधिकतर लोगों को तो यह भी मालूम नहीं है कि उन्हें उच्च रक्तचाप की शिकायत है। इस वजह से स्थिति के और भी गंभीर होने की आशंका बढ़ जाती है।

जागरूकता का अभाव

वैसे तो हर तीसरा व्यक्ति हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित है बावजूद इसके करीब 90 प्रतिशत लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरुकता की कमी है। हाई बीपी पर अगर समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो इसकी वजह से कई दूसरी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं।

एथेरोक्लेरोसिस है वजह

हाइपरटेंशन का मुख्य कारण एथेरोक्लेरोसिस है। हृदय से शरीर के बाकी हिस्सों में ऑक्‍सिजन और पोषक तत्व पहुंचाने वाली रक्त वाहिनियों में कलेस्ट्रॉल, वसा पदार्थ, कोशिकाओं का अनुपयोगी पदार्थ, कैल्शियम और फाइब्रिन से प्लाक का निर्माण हो जाता है जिससे एथेरोक्लेरोसिस नामक बीमारी हो जाती है। इससे शरीर में रक्तचाप का स्तर बढ़ जाता है।

ब्रेन स्ट्रोक का खतरा दोगुना

हाइपरटेंशन की वजह से ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा दोगुना हो जाता है। एक अनुमान के अनुसार हर पांचवा व्यक्ति रक्त चाप से ग्रस्त है। ऊपर का ब्लड प्रेशर हर 10 एमएम हीमोग्राम बढ़ने से इस्कीमिक स्ट्रोक (नस ब्लड का थक्का जमना) का खतरा करीब 28 प्रतिशत तथा हैमेरेजिक स्ट्रोक (नस फटना) का खतरा करीब 38 प्रतिशत बढ़ता है।

हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) के उपचार :

खान-पान में सतर्कता जरूरी

ब्लड प्रेशर की समस्या आजकल काफी आम हो गई है। ज्यादातर लोग हाइपरटेंशन यानी हाई बीपी से परेशान हैं। अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी पर प्रभाव पड़ सकता है। हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में डॉक्टरी इलाज तो जरूरी है ही साथ ही लाइफस्टाइल और खान-पान में भी बदलाव करने की जरूरत है। कुछ फूड आइटम्स हैं, जिन्हें आप अपने डायट में शामिल कर सकते हैं:

कद्दू के बीज का सेवन करें

अमेरिकन हार्ट असोसिएशन के मुताबिक, कद्दू के बीजों में फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती है जोकि मोटापा और हार्ट संबंधी बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें मैग्निशियम भी होता है जो ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है।

हरी सब्जियां फायदेमंद

अपने डायट में ऐसी हरी सब्जियां शामिल करें जो पोटेशियम से भरपूर हों। दरअसल पोटेशियम यूरिन से अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालने में किडनी की मदद करता है। इसकी वजह से ब्लड प्रेशर नॉर्मल हो जाता है। डायट में पालक, करमसाग, चुकंदर के हरे पत्ते और बीन्स जैसी चीजें लें।

लहसुन है रामबाण

लहसुन में ऐलिसिन होता है जिसे हाई ब्लड प्रेशर के लिए 'रामबाण' माना जाता है। इसके अलावा इसमें ऐंटीमाइक्रोबियल और ऐंटीफंगल प्रॉपर्टीज़ भी होती हैं जो कलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती हैं। इनमें में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जोकि ब्लड प्रेशर को कम करते हैं।

चुकंदर बचाए हाई ब्लडप्रेशर से

पिछले साल की गई एक स्टडी में बताया गया था कि चुकंदर में कुछ फोटोकैमिकल और ऐंटी-ऑक्सिडेंट्स होते हैं जोकि हाई ब्लड प्रेशर से लड़ने में सक्षम होते हैं। साथ ही ये हार्ट संबंधी बीमारियों को भी दूर करने में मदद करते हैं। ब्लूबेरी, रसबेरी और स्ट्रॉबेरी...इन्हें भी हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में सेहत के लिए काफी फायदेमंद बताया जाता है।

हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर कंट्रोल में रहेगी बीमारी

डॉक्टर और मेडिकल एक्सपर्ट्स की मानें तो हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप को कंट्रोल करना मुश्किल नहीं हैं। हेल्दी लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों में सुधार कर आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं। इस बीमारी को कंट्रोल करना इसलिए भी जरूरी क्योंकि अगर बीपी कंट्रोल में न रहे तो दिल से जुड़ी बीमारियां और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

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