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चुनाव अभी शुरू भी नही हुआ कि कांग्रेस के भीतर अंतर्कलह ने जन्म ले लिया है। कर्मवीर सिंह बौद्ध को टिकट दिए जाने पर कई नेता पार्टी छोड़कर जाने के बड़े ऐलान कर रहे है।

हांसी/रोहतक: हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले चुनाव ने कांग्रेस के भीतर अंतर्कलह को जन्म दे दिया है। हाईकमान द्वारा एससी (SC) चेहरे कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले से ओबीसी (OBC) वर्ग में भारी नाराजगी है। इसी विरोध के चलते पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माने जाने वाले तेलूराम जांगड़ा ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

अनदेखी का लगाया आरोप 'कांग्रेस अब एक विशेष वर्ग की पार्टी'
ओबीसी कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रहे तेलूराम जांगड़ा ने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रदेशाध्यक्ष उदयभान को भेज दिया है। जांगड़ा ने सीधे तौर पर कांग्रेस पर पिछड़ों की अनदेखी का आरोप लगाया है।जांगड़ा का कहना है कि हरियाणा में ओबीसी और विश्वकर्मा समाज की आबादी लगभग 30% है, लेकिन राज्यसभा टिकट वितरण में इस वर्ग को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।

पुरानी नाराजगी को जताया
उन्होंने आरोप लगाया कि न केवल राज्यसभा, बल्कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी ओबीसी नेताओं की उपेक्षा की गई। संगठन और जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों में भी उचित स्थान नहीं मिला।

किया गया बड़े पलायन का दावा
जांगड़ा ने दावा किया है कि उनके इस फैसले के बाद जल्द ही हरियाणा के कई अन्य ओबीसी नेता भी कांग्रेस को अलविदा कह सकते हैं।"राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में ओबीसी वर्ग को प्राथमिकता न दिए जाने से मैं बेहद आहत हूँ। कांग्रेस अब केवल एक विशेष वर्ग की पार्टी बनकर रह गई है।"

आखिर कौन हैं तेलूराम जांगड़ा?
तेलूराम जांगड़ा कांग्रेस के एक पुराने और सक्रिय सिपाही रहे हैं। उनके राजनीतिक सफर पर एक नजर:

  • 2010-2016: हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य।
  • संगठनात्मक पद: प्रदेश महासचिव (OBC) और जिला महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
  • हुड्डा परिवार से नजदीकी: उन्हें भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा का बेहद खास माना जाता रहा है और वे राहुल गांधी की हरियाणा यात्राओं में भी प्रमुखता से शामिल रहे हैं।

बीजेपी को मिल सकता है फायदा
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले ओबीसी वर्ग की यह नाराजगी कांग्रेस के लिए महंगी साबित हो सकती है। हरियाणा की राजनीति में ओबीसी मतदाताओं का एक बड़ा वोट बैंक है, और इस फूट का सीधा लाभ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिल सकता है।

राहुल गांधी की पसंद बने कर्मवीर
कांग्रेस ने अंबाला के रहने वाले और हरियाणा सिविल सचिवालय से रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी कर्मवीर सिंह बौद्ध पर दांव खेला है। बताया जा रहा है कि उनका नाम खुद राहुल गांधी ने सुझाया है। वहीं, भाजपा ने पूर्व सांसद संजय भाटिया को अपना उम्मीदवार बनाया है। आज नामांकन का अंतिम दिन है।

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