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बदलते मौसम में इन खास घरेलू टिप्स से रखें अपने पेट का ख्याल

जब भी मौसम बदलता है तो उसका सबसे ज्यादा असर हमारी भूख और पेट पर पड़ता है, क्योंकि इस दौरान हमारा इम्यून सिस्टम काफी कमजोर हो जाता है साथ ही हमारी पाचन शक्ति भी धीमी हो जाती है। जिससे तला-भूना या गरिष्ठ भोजन करने पर अक्सर लोग पेट खराब होने की शिकायत करते नजर आते हैं। पेट के रोग, उसके कारण और घरेलू उपचार के बारे में जानते हैं।

बदलते मौसम में इन खास घरेलू टिप्स से रखें अपने पेट का ख्याल

जब भी मौसम बदलता है तो उसका सबसे ज्यादा असर हमारी भूख और पेट पर पड़ता है, क्योंकि इस दौरान हमारा इम्यून सिस्टम काफी कमजोर हो जाता है साथ ही हमारी पाचन शक्ति भी धीमी हो जाती है। जिससे तला-भूना या गरिष्ठ भोजन करने पर अक्सर लोग पेट खराब होने की शिकायत करते नजर आते हैं। पेट के रोग, उसके कारण और घरेलू उपचार के बारे में जानते हैं।

आपको इस बार मौसम के बदलने पर पेट से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए आज हम आपको कुछ खास घरेलू टिप्स बता रहे हैं।

पेट के रोग :

1. एसिडिटी

2. जी मिचलाना और उल्टी

3. कब्ज़

4 गैस की समस्या

5. लूज मोशन

6. अपच

7.पेप्टिक अल्सर

पेट रोग के कारण :

1.एसिडिटी

भोजन को पचाने में पेट में बनने वाला एसिड या अम्ल हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है, लेकिन कई बार पेट में यह एसिड जरूरत से ज्यादा मात्रा में बन जाता है। तब ऐसे में एसिडिटी की समस्या हो जाती है। वसायुक्त और मसालेदार भोजन का सेवन आमतौर पर एसिडिटी की प्रमुख वजह है।

2.जी मिचलाना और उल्टी

जी मिचलाना और उल्टी आना शरीर में मौजूद किसी रोग के लक्षण हैं। जी मिचलाने पर शरीर में मौजूद उस बीमारी का पता लगाना और इलाज करना आवश्यक है, जिसकी वजह से उल्टी आना या जी मिचलाने की समस्या हो रही है। लंबी यात्रा में कई बार जी मिचलाने की समस्या आम है।

3.गैस की समस्या

लंबे समय तक भूखे रहने या गरिष्ठ भोजन करने से पेट में गैस की समस्या हो जाती है। कई बार ज्यादा गैस बनना भी शरीर के अन्य अंगों के लिए काफी घातक साबित हो सकती है, इसलिए जरूरी है कि गैस की समस्या पर समय रहते काबू पा लिया जाए।

4.कब्ज

पानी का कम सेवन करने या भोजन में फैट की कमी से कब्ज की समस्या होना आम बात है। कब्ज की परेशनी में आपको भूख नहीं लगती और शौच खुलकर नहीं होती।

5.लूज मोशन

खराब भोजन का सेवन करने या बदलते मौसम में कई बार आप लूज मोशन का शिकार हो जाते हैं। लूज मोशन में आपका शरीर कमजोरी महसूस करता है।

6.अपच

ज्यादा मसालेदार या तीखा खाना खाने से कई बार अपच की समस्या हो जाती है। ऐसे में आपके पेट में भोजन सही से नहीं पच पाता और आप परेशानी महसूस करते हैं। अपच की समस्या होने पर जलजीरे का सेवन फायदेमंद साबित होता है।

7.पेप्टिक अल्सर

पेट या छोटी आंत की परत में होने वाले घाव को पेप्टिक अल्सर कहते हैं। दर्द निवारक दवा जैसे डिस्प्रिन, ऐस्प्रिन, ब्रूफेन जैसी दर्दनाशक दवाओं के सेवन से अल्सर होने की संभावना बनी रहती है। तनाव और मसालेदार भोजन भी अल्सर का प्रमुख कारण है। अल्सर होने पर व्यक्ति का वजन भी कम होने लगता है।

पेट के रोग के उपचार :

1.एसिडिटी

यदि आपको भी एसिडिटी की समस्या है तो सुबह उठने के तुरंत बाद पानी पिएं। इसके अलावा फल जैसे केला, तरबूज, पपीता और खीरा को प्रतिदिन के भोजन में शामिल करें। तरबूज का रस भी एसिडिटी के उपचार में लाभदायक है। नारियल पानी के सेवन से भी एसिडिटी से छुटकारा मिलता है।

2.जी मिचलाना और उल्टी

जी मिचलाने या उल्टी के आने पर आपको दो या तीन टाइम हल्का भोजन करना चाहिए। ऐसे में दही का सेवन आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। चाहें तो डॉक्टरी परामर्श कर दवा का सेवन भी कर सकते हैं।

3.गैस की समस्या

यदि आपको भी गैस की शिकायत है तो इससे राहत पाने के लिए आपको पवन मुक्त आसन करना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा पानी पीकर भी गैस की समस्या से राहत पा सकते हैं। गैस के उपचार के लिए एक नींबू के रस में दो चम्मच पानी और स्वादानुसार काला नमक मिलाएं। अब इसे मुंह के पास ले जाकर चुटकीभर खाने का सोडा मिलाकर तुंरत पी लें।

4.कब्ज

कब्ज से राहत के लिए दूध और पपीते का सेवन करना चाहिए। यदि आपके पेट में लंबे समय से कब्ज हैं तो रात को सोते समय गुनगुने पानी से त्रिफला चूर्ण का सेवन भी फायदेमंद रहेगा। इसके अलावा चौलाई के साथ दूध भी कब्ज में आराम देता है।

5.अपच

ज्यादा मसालेदार या तीखा खाना खाने से कई बार अपच की समस्या हो जाती है। ऐसे में आपके पेट में भोजन सही से नहीं पच पाता और आप परेशानी महसूस करते हैं। अपच की समस्या होने पर जलजीरे का सेवन फायदेमंद साबित होता है।

6.लूज मोशन

ऐसे में आपको हल्का भोजन जैसे मूंग दाल की खिचड़ी या दलिया आदि का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा लूज मोशन में दही का सेवन भी फायदेमंद साबित होता है। केला और भुस्सी खाने से भी लूज मोशन में आराम मिलता है।

7.पेप्टिक अल्सर

अल्सर में राहत पाने के लिए आपको रेशेदार भोजन करना चाहिए। खासकर फल और सब्जियों का सेवन इसमें सबसे ज्यादा लाभकारी होता है। योग या ध्यान क्रियाओं की मदद से खुद को आराम देने की कोशिश करें।

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