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International Women''s Day 2019 : महिला दिवस के बारे में क्या सोंचते हैं आपके फेवरेट टीवी स्टार

सीरियल्स में अपनी सशक्त भूमिकाओं से दर्शकों का प्रभावित करने वालीं टीवी एक्ट्रेसेस वूमेन एंपावरमेंट की एक मिसाल हैं। इन एक्ट्रेसेस से हरिभूमि ने वूमेंस-डे के मौके पर जाना कि वो खुद को कितना सशक्त मानती हैं, महिलाएं कैसे सशक्त बन सकती हैं। साथ ही साथ हमने मेल एक्टर्स से भी पूछा कि महिलाओं के विकास को वो किस तरह देखते हैं, वे किसके साथ वूमेंस-डे (Women''s Day) सेलिब्रेट करना चाहेंगे? आइए जानते हैं वूमेंस-डे पर सेलिब्रिटीज के व्यूज।

International Women

सीरियल्स में अपनी सशक्त भूमिकाओं से दर्शकों का प्रभावित करने वालीं टीवी एक्ट्रेसेस वूमेन एंपावरमेंट की एक मिसाल हैं। इन एक्ट्रेसेस से हरिभूमि ने वूमेंस-डे के मौके पर जाना कि वो खुद को कितना सशक्त मानती हैं, महिलाएं कैसे सशक्त बन सकती हैं। साथ ही साथ हमने मेल एक्टर्स से भी पूछा कि महिलाओं के विकास को वो किस तरह देखते हैं, वे किसके साथ वूमेंस-डे (Women's Day) सेलिब्रेट करना चाहेंगे? आइए जानते हैं वूमेंस-डे पर सेलिब्रिटीज के व्यूज।

बेटियों को दें आगे बढ़ने की आजादी

अनुष्का सेन (Anushka Sen)
मुझे लगता है अगर आप चाहती हैं कि हर जगह महिलाओं का वर्चस्व स्थापित हो, तो ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें और इसकी शुरुआत अपने घर से करें। लड़कियां जब पढ़ेंगी, तब वो अपने लक्ष्य को पाने में सक्षम होंगी। मैं वूमेंस-डे के खास मौके पर सारे पैरेंट्स से यही गुजारिश करूंगी कि वो अपनी बेटियों को शिक्षा दें, साथ ही आगे बढ़ने की पूरी आजादी दें, उन पर विश्वास रखें। आज मैं जो कुछ भी हूं, अपने पैरेंट्स की बदौलत हूं, उन्होंने न सिर्फ मुझे जिंदगी को अपने ढंग से जीने की आजादी दी है, बल्कि अपने लक्ष्य को पाने की भी पूरी आजादी दी है। उनकी इसी आजादी ने मुझे स्ट्रॉन्ग बनाया है। मेरी गुजारिश है कि आप सब भी अपनी बेटी को एक बार आजादी देकर देखें।

मुसीबतों का सामना करने की हिम्मत दें

इरिका फर्नांडिस (Erica Fernandes)
मैं महिला हूं, मुझे इस बात पर फख्र है। आज की महिलाएं निडर, पावरफुल और मुसीबतों को फेस करने में सक्षम हैं। वो अपने नाम और काम का परचम हर एक क्षेत्र में लहरा रही हैं। सबसे अच्छी बात तो यह है कि आज की महिलाएं सिर्फ अपनी सफलता के झंडे ही नहीं गाढ़ती, अपने साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज भी उठाती हैं। ऐसी महिलाएं और भी महिलाओं को इंस्पायर करती हैं। मैं खुद अपनी मां से बहुत प्रभावित हूं। उन्होंने मुझे एक स्ट्रॉन्ग और इंडिपेंडेंट वूमेन बनाया है। मुझे मुसीबतों से डट कर सामना करने की हिम्मत दी है और सतत आगे बढ़ने का हौसला। मैं चाहती हूं देश भर की सारी महिलाएं ऐसी ही हों, वो भी अपनी बेटियों को मुसीबतों का सामना करने की हिम्मत दें।

बच्चों को बताएं स्त्री-पुरुष समान हैं

जैस्मिन भसीन (Jasmin Bhasin)
गर्मजोशी के साथ सभी महिलाओं को वूमेंस-डे की बधाई। बेहद खुशी होती है जब मैं देखती हूं कि हमारी इंडस्ट्री में भी महिलाएं कड़ी मेहनत कर पुरुषों को टफ कॉम्पिटिशन दे रही हैं। देश की बाकी कुप्रथाओं के साथ आज स्री-पुरुष जैसी असमानता भी धीरे-धीरे खत्म हो रही है। हां, कुछ जगहों पर है लेकिन केवल उनकी सोच में, जिस दिन उनकी यह मानसिकता बदल जाएगी, उस दिन से महिलाएं और ज्यादा सिर उठाकर जीएंगी। मानसिकता बदलने की शुरुआत घर और स्कूलों से करनी चाहिए, बच्चों को बताना चाहिए कि स्री-पुरुष दोनों समान हैं, दोनों ही सम्मान पाने के समान अधिकारी भी हैं।

आए हैं सकारात्मक बदलाव

अधविक महाजन (Adhvik Mahajan)
मेरी मानें तो महिलाओं की स्थिति में दिनों-दिन सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। मेरी मां तो उस जमाने में इंश्योरेंस डिपार्टमेंट में काम करती थीं जब मेरे डैड अकसर बाहर रहते थे। हमारी परवरिश अकेले मां ने की है। उन्होंने बहुत मेहनत की है, जिसे एक्सप्लेन कर पाना नामुमकिन है। आज मैं उन्हीं की बदौलत इस काबिल बन पाया हूं। देश भर में ऐसी और भी मांएं हैं, उन सबको मेरा सलाम। मेरी मां का विल पावर बहुत ही स्ट्रॉन्ग है, मैं खुद को खुशकिस्मत समझता हूं कि उनकी यह क्वालिटी मेरे अंदर भी आई है। मेरी मां वैसे तो पंजाब में रहती हैं, लेकिन हाल ही में मुंबई आई हैं, सो मैं इस बार वूमेंस-डे अपनी मां और पत्नी के साथ मनाना पसंद करूंगा और दोनों को अपने जीवन में आने के लिए धन्यवाद कहूंगा।

आज की महिलाएं पुरुषों से किसी मामले में कम नहीं हैं

अंश बगारी (Ansh Bagri)
सबसे पहले मैं देश की सारी महिलाओं को सलाम करते हुए कहूंगा ‘ए वेरी हैप्पी वूमेंस-डे।’ आज की महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से कम नहीं हैं। वो कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। पुरुष-महिला एक समान हैं। मैं इस खास मौके पर देश भर की सारी महिलाओं से यह कहूंगा कि अगर आपके सामने कोई भी सुनहरा मौका आए, तो उसे अपने हाथ से जाने न दें, बल्कि उसे करके यह साबित कर दें कि आप किसी भी मामले में किसी से कम या पीछे नहीं हैं। जहां तक बात वूमेंस-डे सेलिब्रेशन की है, तो मैं यही कहूंगा कि अमिताभ बच्चन जी की तरह इस दिन को अपनी मां के साथ सेलिब्रेट करना चाहूंगा।

अपने आपको साबित कर रही हैं महिलाएं

रुसलान मुमताज (Ruslaan Mumtaz)
वूमेंस-डे के अवसर पर मैं उन सारी महिलाओं को धन्यवाद कहूंगा, जिनका मेरी लाइफ में इंपॉर्टेंट रोल रहा है। उसमें खासकर पांच महिलाएं शामिल हैं, मेरी नानी, मम्मी, मामी, मौसी और पत्नी निराली। ये पांचों मेरी क्रिटिक्स होने के साथ-साथ मेरा कॉन्फिडेंस भी बढ़ाती हैं, मुझे मोटिवेट भी करती हैं। मेरी लाइफ में इन सबका बहुत ज्यादा इंवॉल्वमेंट है। ये सब मेरी ताकत हैं। इसके साथ ही मैं अपनी फीमेल फैंस का भी शुक्रगुजार हूं कि इंडस्ट्री में इतने अच्छे एक्टर्स होने के बावजूद मैं उनकी फेवरेट लिस्ट में आता हूं। मैं वूमेंस-डे खासतौर से अपनी मां और पत्नी के साथ सेलिब्रेट करूंगा। जहां तक महिलाओं के विकास की बात है तो आज की महिलाएं पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने आपको साबित कर रही हैं कि वे किसी से कम नहीं हैं।
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