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हिसाब 2015: इन कारणों से चर्चा में रहा छोटा पर्दा

भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री विगत कुछ समय में तेजी से बदली है।

हिसाब 2015: इन कारणों से चर्चा में रहा छोटा पर्दा
नई दिल्ली. साल 2015 छोटे पर्दे के लिए कंटेंट के लिहाज से भले ही कुछ खास नया न रहा हो लेकिन नया करने की दिशा में निर्माताओं ने कुछ प्रयोग जरूर किए। कई सीरियल्स में फिल्मों की तरह आइटम सॉंग्स डाले गए तो कहीं टीआरपी बढ़ाने के लिए एक्सपोजर और एक्टर्स के आपसी विवादों का भी सहारा लिया गया। इस वर्ष टीवी पर हुए एक्सपेरिमेंट्स पर एक नजर।

भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री विगत कुछ समय में तेजी से बदली है। इस साल विभिन्न चैनलों पर बहुत से नए तरह के सीरियल भी देखने को मिले तो ऑडियंस को लुभाने और अच्छी टीआरपी बटोरने के लिए प्रोड्यूसर्स से लेकर एक्टर्स ने तरह-तरह की स्ट्रेटजी भी अपनाई।

आइटम नंबर का तड़का- सीरियल्स में भी फिल्मों की तरह आइटम नंबर शामिल किए जाने लगे हैं। इस वर्ष इसका काफी ट्रेंड देखने को मिला। जो फेमस एक्ट्रेसेस सीरियल में कोई लीड रोल नहीं निभा रहीं, उन्हें ऑडियंस को रिझाने के लिए कैमियो या आइटम नंबर के जरिए पेश किया गया। इस बारे में सीरियल ‘भाग्यलक्ष्मी’ में आइटम सॉन्ग ‘झल्ला वल्ला’ करने वाली सयंतनी घोष का कहना है, आइटम सॉन्ग किसी सीरियल में चल रहे रूटीन को तोड़ने का सबसे कारगर जरिया बन गया है।

एक्सपोजर का नहीं पड़ा असर- ऐसा नहीं है कि ऑडियंस को अट्रैक्ट करने के लिए टीवी सीरियल्स में सिर्फ आइटम नंबर का सहारा लिया जा रहा है। इसके अलावा भी कई तरीके सीरियल निर्माता अपना रहे हैं। एक समय था, जब सीरियल्स का मकसद पूरे परिवार को एक साथ एंटरटेन करने का हुआ करता था लेकिन जब एक सी कहानियों से दर्शक बोर होने लगे तो उन्हें अपने शो से जोड़े रखने के लिए कई प्रोड्यूसरों ने एक्सपोजर और इंटीमेट सीन का भी सहारा लिया। लेकिन यह एक्सपेरिमेंट दर्शकों पर बहुत इफेक्टिव नहीं रहा।

विवाद-टकराव रहे चर्चा में- काम के तनावपूर्ण माहौल में सहकर्मियों के बीच विवाद और टकराव के हालात पैदा हो ही जाते हैं, जो सामान्य बात है। लेकिन ऐसे विवादों का फायदा प्रोड्यूसर्स अपने शो की रेटिंग बढ़ाने के लिए भी करते हैं और इन्हें खूब तूल देते हैं। ऐसा ही कुछ सीरियल ‘ये कहां आ गए हम’ में भी देखने को मिला। इसके लीड कैरेक्टर्स करण कुंद्रा और सानवी तलवार ने जब एक-दूसरे को चांटे मारे, तो इसका विवाद उन्हीं तक सीमित नहीं रहा। हुआ यह कि एक सीन में सानवी को करण के गाल पर चांटा मारना था, लेकिन उन्होंने कुछ ज्यादा जोर से ही करण को चांटा जड़ दिया और जब कैमरा नहीं चल रहा था तो पलटकर करण ने भी सानवी के चांटा मार दिया और पूरी घटना मीडिया में छा गई।



गूंजती रही चांटे की आवाज- इस साल मार्च में ‘दीया और बाती हम’ की लीड जोड़ी दीपिका सिंह और अनस राशिद के बीच भी चांटे की गूंज सुनाई दी। टीवी की इस सुनहरी जोड़ी के पर्सनल रिलेशन अच्छे नहीं है, यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है, लेकिन जब एक सीन में अनस ने दीपिका को अनुचित तरीके से टच किया तो दोनों में तू-तू, मैं-मैं हो गई। दीपिका ने खुंदक में अनस के जोर से चांटा मार दिया। दीपिका और अनस ने बाद में सुलह कर ली।

इसी तरह जेनिफर विंगेट को जब यह मालूम हुआ कि करन सिंह ग्रोवर उन्हें चीट कर रहे हैं और निकोल और श्रद्धा से उनकी पीठ पीछे नैन मटक्का कर रहे हैं, तो ‘दिल मिल गए’ की शूटिंग पर जेनिफर ने करन के जोर का चांटा मारा। दोनों में महीनों तक बोलचाल बंद रही और दोनों के सीन अलग-अलग शूट करने पड़े।

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