Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Shrenu Parikh Interview: मुझे बॉलीवुड में भी काम करना है, लेकिन...

प्राय: देखा यही जाता है कि सीरियल्स में बहू का किरदार पॉजिटिव होता था। लेकिन स्टार प्लस के सीरियल ‘एक भ्रम : सर्वगुण संपन्न’ में बहू जान्हवी का अंदाज नेगेटिव है, इस किरदार को निभा रही हैं श्रेणु पारेख। वैसे एक बहू के लिए आज भी सर्वगुण संपन्न वाली मानसिकता लोगों के दिमाग में है, जो समय के साथ बदली नहीं है, ऐसा क्यों है? और क्या खुद को सर्वगुण संपन्न मानती हैं श्रेणु पारेख ?

Shrenu Parikh Interview: मुझे बॉलीवुड में भी काम करना है, लेकिन...

अपने नौ साल के टीवी करियर में श्रेणु पारेख ने कई सीरियल्स में एक्ट किया, सभी में उनके किरदार पॉजिटिव, आइडल बहू-बेटी के रहे। लेकिन इन दिनों सीरियल 'एक भ्रम : सर्वगुण संपन्न' में उनका नेगेटिव अंदाज दर्शकों को देखने को मिल रहा है। वह पहली बार जान्हवी नाम की ऐसी बहू का रोल निभा रही हैं, जो अपने ही ससुराल वालों को नुकसान पहुंचाना चाहती है।

लेकिन सबके सामने एक आइडल बहू, पत्नी बनने का दिखावा कर रही है। इस सीरियल में नेगेटिव रोल करके श्रेणु भी काफी एक्साइटेड हैं, बतौर एक्टर खुद को एक्सप्लोर कर रही हैं। हाल ही में उनसे टेलीफोन पर लंबी बातचीत हुई। पेश है श्रेणु पारेखा से हुई बातचीत के चुनिंदा अंश-

सीरियल 'एक भ्रम : सर्वगुण संपन्न' में आप पहली बार नेगेटिव रोल कर रही हैं। अचानक पॉजिटिव से नेगेटिव रोल करने की वजह क्या रही?

सीरियल में मेरा किरदार जान्हवी नेगेटिव जरूर है, लेकिन इसके नेगेटिव होने के पीछे बहुत बड़ी वजह है। सीरियल में मित्तल परिवार जान्हवी का सुसराल है। जान्हवी अपने ससुराल वालों को ही नुकसान पहुंचाना चाहती है, क्योंकि उसका मानना है कि मित्तल परिवार की वजह से ही वह अनाथ हुई, अपने पिता से बिछड़ गई। वह मित्तल परिवार के लिए कोई इमोशन नहीं रखती है, लेकिन बाहर से सबसे प्यार जताती है। ऐसा नहीं है कि जान्हवी के दिल में किसी के लिए भी प्यार नहीं है, वह अपने बहन, मुंह बोले भाई को बहुत प्यार करती है।

सीरियल में जान्हवी डबल पर्सनालिटी के साथ जी रही है? वह ससुराल वालों के सामने अच्छी बनती है लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहती है। ऐसे लोग असल जिंदगीमें भी होते हैं, बाहर से कुछ, अंदर से कुछ। क्या कभी ऐसे लोगों से पाला पड़ा है? आपने उन्हें कैसे हैंडल किया?

हां, ऐसे बहुत लोग मिले हैं, जो मुंह पर कुछ बनते हैं और होते कुछ और हैं। ऐसे लोग कभी भी हमारा नुकसान कर सकते हैं। मैं ऐसे लोगों को आसानी से पहचान लेती हूं और उनसे दूरी बनाकर रखती हूं। मेरा मानना है कि ऐसे लोगों को हैंडल करने में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए, इन्हें अपने पास ही नहीं आने देना चाहिए।

आपके सीरियल के नाम में सर्वगुण संपन्न शब्द शामिल हैं। आज भी एक बहू से सर्वगुण संपन्न होने की उम्मीद की जाती है। जबकि दुनिया में कोई परफेक्ट नहीं होता है। यह सोच आखिर बदलेगी कैसे?

देखिए, ऐसा नहीं है कि लोगों की, समाज की सोच नहीं बदली है। बदलाव धीरे-धीरे ही आता है। आज शादी के बाद भी कई लड़कियां जॉब कर रही हैं, यह सब सुसराल के सपोर्ट से पॉसिबल होता है। शहरों में यह बदलाव दिख रहा है, आगे कस्बों और गांव में भी लड़कियों को लेकर सोच बदलेगी।

क्या आप खुद को सर्वगुण संपन्न यानी परफेक्ट मानती हैं?

अरे नहीं, मैं परफेक्ट नहीं हूं। मुझे खाना बनाना नहीं आता है। लेकिन मुझे इतना यकीन है कि जिस घर में मैं बहू बनकर जाऊंगी, वहां रिश्तों को बहुत प्यार और अपनेपन से निभाऊंगी। मैं एक अच्छी बहू और होममेकर बनूंगी, जो सबकुछ बैलेंस करना जानती है। यह बात बहुत मायने रखती है, आप अपने रिश्तों को कितनी खूबसूरती और प्यार से निभाते हैं।

आपने अब तक पॉजिटिव रोल किए हैं, पहली बार नेगेटिव रोल कर रही हैं। कई बार नेगेटिव रोल करने से अपने अंदर भी नेगेटिविटी फील होने लगती हैं। तब कैसे खुद को डिटॉक्स करती हैं?

हां, कभी-कभी जान्हवी की नेगेटिविटी मुझ पर हावी हो जाती है। मैं उसकी तरह ही बात करने लगती हूं। तब मेरी कोशिश रहती है कि पॉजिटिव माहौल में रहूं, नेगेटिव इमोशन को डिटॉक्स करूं। यह एक्टिंग की बात नहीं है, रियल लाइफ में भी जब कभी नेगेटिविटी फील करती हूं तो रो लेती हूं। साथ ही पॉजिटिव बातों पर फोकस करती हूं।

आप टीवी पर बहुत काम कर चुकी हैं? फिल्मों में जाने की ख्वाहिश है? किस तरह का काम करना चाहती हैं?

हां, मुझे फिल्मों में भी काम करना है। मैं अच्छे मौके को मना नहीं करती हूं। मैंने एक गुजराती फिल्म की थी, जो खूब चली थी। बॉलीवुड में भी काम करना है। लेकिन ऐसा नहीं है कि मुझे फिल्मों में हीरोइन के ही रोल चाहिए। रोल छोटा हो, साइड हो लेकिन दमदार होगा तो भी मैं करने को तैयार हूं। मैं एक एक्टर के तौर पर खुद को एक्सप्लोर करना चाहती हूं, हर तरह के किरदार करना चाहती हूं।



प्रस्तुति: पूनम बर्त्वाल

Next Story
Top