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तोरल रासपुत्रा इंटरव्यू : सीरियल 'मेरे साईं' छोड़ने की क्या वजह रही?

तोरल रात्रपुत्रा की एक्टिंग को दर्शकों ने हमेशा सराहा है। वह अब तक अलग-अलग तरह के किरदार निभा चुकी हैं लेकिन अब पहली बार माइथोलॉजिकल सीरियल 'जग जननी मां वैष्णोदेवी-कहानी मातारानी की' में वैष्णोदेवी की मां समृद्धि की भूमिका निभाएंगी। इस तरह का सीरियल करके उन्हें टाइप कास्ट होने का डर नहीं लगता? सीरियल और करियर से जुड़े बातें साझा कर रही हैं तोरल रासपुत्रा।

रानी समृद्धि का किरदार निभाएंगी टीवी एक्ट्रेस तोरल रासपुत्राTV Actress Toral Rasputra Plays a

अपने करियर की शुरुआत तोरल रासपुत्रा ने मॉडलिंग से की। उसके बाद डिजनी चैनल के एक शो 'धूम मचाओ धूम' में उन्हें पहली बार एक्टिंग करने का मौका मिला। इसके बाद तोरल ने और भी कई शोज किए, इनमें 'यहां के हम सिकंदर', 'रिश्तों की डोर', 'एक नई छोटी-सी जिंदगी', 'केसरिया बालम आओ हमारे देस' और 'बालिका वधू' शामिल है। सीरियल 'बालिका वधू' में आनंदी के किरदार में तो तोरल को घर-घर पहचान मिली। इसके बाद वह 'मेरे साईं', 'नमूने' और 'उड़ान' जैसे सीरियल्स में नजर आर्इं। इन दिनों स्टार भारत के नए सीरियल 'जग जननी मां वैष्णोदेवी-कहानी मातारानी की' शूटिंग में बिजी हैं। बातचीत तोरल रासपुत्रा से।

'जग जननी मां वैष्णोदेवी-कहानी मातारानी की' में आपका किरदार किस तरह का है?

इस सीरियल में मैं रानी समृद्धि का किरदार निभा रही हूं, जो माता वैष्णोदेवी की मां हैं यानी जिन जगतजननी मां को हम मानते हैं, समृद्धि उनकी मां हैं। यह बहुत ही सकारात्मक और ख्याल रखने वाली मां का किरदार है। कहानी यह है कि रानी समृद्धि की कोई संतान नहीं है, इसलिए वह उस सुख के लिए अधीर हैं। उनकी भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी में बहुत गहरी आस्था है। वह और उनके पति, विष्णु जी और लक्ष्मी जी की बहुत पूजा करते हैं, फिर उनके घर में बच्ची का जन्म होता है। सीरियल में बहुत प्यारा रिश्ता दिखाया जाएगा मां और बेटी के बीच।

मां वैष्णोदेवी पर कई फिल्म, टीवी सीरियल बन चुके हैं। ऐसे में आपके सीरियल में दर्शकों को क्या अलग देखने को मिलेगा?

मुझे लगता है कि अब तक टीवी पर ऐसा सीरियल नहीं बना है, जहां माता वैष्णोदेवी की पूरी जिंदगी दिखाई गई हो। उनकी पूरी यात्रा की बात बताई गई हो कि कैसे वे एक बच्ची वैष्णवी से माता वैष्णोदेवी बनी। यह वैष्णवी की, मां वैष्णोदेवी बनने की कहानी है।

क्या आप कभी वैष्णोदेवी गई हैं?

नहीं, मैं अभी तक नहीं जा सकी हूं। मैं मां के बुलावे का इंतजार कर रही हूं। कहते हैं कि वे खुद आपको बुलाती हैं। जैसे ही मुझे उनका बुलावा आएगा, मैं जरूर जाऊंगी।

क्या वैष्णोदेवी में शूटिंग का कोई विचार है?

अभी मुझे कोई आइडिया नहीं है, क्योंकि मुंबई में ही हम शूट कर रहे हैं। लेकिन मुझे उम्मीद है, हमें वहां शूटिंग का भी बुलावा जरूर आएगा मां की तरफ से।

सीरियल 'मेरे साईं' छोड़ने की क्या वजह रही?

बहुत सारी वजह रहीं। बेशक वह किरदार मेरे बहुत करीब रहा। लोग भी सीरियल को बहुत पसंद करते हैं। लेकिन एक कलाकार के तौर पर उस किरदार की कोई ग्रोथ नहीं हो रही थी। इसलिए ऐसा लग रहा था कि जैसे वो किरदार कहीं थम-सा गया है। इसी वजह से मैं शूटिंग का प्रोसेस एंज्वॉय नहीं कर पा रही थी। मुझे अंदर से लग रहा था कि अब यह किरदार मैं आगे नहीं कर पाऊंगी, क्योंकि एक कलाकार के तौर पर जब तक आपको कोई चुनौती नहीं मिलती तो एक्टिंग करने में मजा नहीं आता, जो आना चाहिए। इसी वजह से सीरियल को अलविदा कहा।

क्या डिवोशनल, माइथोलॉजिकल सीरियल करके टाइपकास्ट होने का डर नहीं लगता है?

नहीं, अभी तो नहीं लग रहा। मुझे लगता है कि टीवी पर टाइपकास्ट होने वाला फेज चला गया है। एक समय जरूर था कि जिस तरह का किरदार आपने किया है, उसी तरह के किरदार आगे मिलने लगते थे। 'बालिका वधू' के बाद मुझे भी कई वैसे ही किरदार ऑफर हुए लेकिन मैंने मना कर दिया। अब स्थिति बदल गई है। आनंदी का किरदार करने के बाद मैंने बाइजा का किरदार किया 'मेरे सार्इं' में। फिर सीरियल 'उड़ान' किया। सब टीवी के लिए कॉमेडी शो 'नमूने' किया। अब रानी समृद्धि का किरदार कर रही हूं, जो बिल्कुल ही अलग है।

इस सीरियल के लिए क्या कोई खास तैयारी आपने की है?

माइथोलॉजिकल शोज में बॉडी लैंग्वेज और भाषा पर काम करना जरूरी होता है। मैं इन सब चीजों पर काम कर रही हूं। भारी कॉस्ट्यूम और ज्वेलरी के साथ, एक अलग ही मेकअप और गेटअप में काम करना आसान काम नहीं है। इसके अलावा शुद्ध हिंदी बोलने के लिए बहुत प्रैक्टिस करनी पड़ती है।

टीवी और फिल्म के बहुत सारे कलाकार अब वेब सीरीज कर रहे हैं। आगे क्या आप भी वेब सीरीज में नजर आ सकती हैं?

क्यों नहीं नजर आ सकती हूं। मैं टीवी करूं या वेब सीरीज, बस मेरे लिए किरदार अच्छा और चैलेंजिंग होना जरूरी है। ऐसा होना चाहिए, जो मैंने अब तक न किया हो।

अपनी अब तक की एक्टिंग जर्नी से कितनी संतुष्ट हैं?

मैं अपने करियर से खुश, संतुष्ट हूं क्योंकि बारह सालों में मैंने अच्छे लोगों के साथ काम किया। अच्छे प्रोडक्शन हाउसेज के साथ काम किया। अच्छे सीरियल और किरदार किए हैं।

(लेखिका : रेणु खंतवाल)

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