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अब अपने कैरेक्टर को जी रहे हैं शिवाजी साथम

प्रद्युम्न का किरदार उनकी पहचान बन चुका है।

अब अपने कैरेक्टर को जी रहे हैं शिवाजी साथम
मुंबई. शिवाजी साथम अब तक दर्जनों हिंदी और मराठी फिल्मों में काम कर चुके हैं। उन्होंने मराठी थिएटर भी खूब किया। लेकिन उन्हें अपार सफलता मिली सोनी टीवी पर टेलीकास्ट हो रहे शो ‘सीआईडी’ से। इसका आलम यह है कि उनके फैंस उन्हें एसीपी प्रद्युम्न कहकर पुकारते हैं। एसीपी प्रद्युम्न का किरदार उनकी पहचान बन चुका है। कुछ समय पहले ‘सीआईडी’ की तीन एपिसोड की सीरीज ‘मर मिटेंगे’ की शूटिंग दिल्ली में हुई। यह सीरीज टीवी पर शुरू हो चुकी है। पेश है शिवाजी से बातचीत के प्रमुख अंश।
क्या वजह रही जो आपने दिल्ली में शूटिंग की?
हम एक स्पेशल सीरीज ‘मर मिटेंगे’ की शूटिंग के लिए दिल्ली गए थे। यहां हमने दिल्ली की कई लोकप्रिय जगहों जैसे दिल्ली हाट, लाजपत नगर मार्किट, सदर बाजार और संगम विहार इलाके में शूटिंग की। बहुत अच्छा अनुभव रहा। लोगों से हमें बहुत सपोर्ट मिला।
‘सीआईडी’ 16 सालों से लगातार चल रहा है। कभी ऐसा नहीं लगा कि बहुत हुआ अब कुछ और नया किया जाए?
नहीं, कभी नहीं। यह कैरेक्टर इतना मजेदार और चैलेंजिंग है कि मैं सोलह साल और एसीपी प्रद्युम्न का कैरेक्टर कर सकता हूं। इस शो की यही तो खासियत है कि हर कहानी में नवीनता है, तभी तो लोग सालों से इसे देख रहे हैं। जो बच्चे थे, वे बड़े हो चुके हैं। जो बड़े थे, आज अपने बच्चों के साथ सीआईडी देखते हैं।
नीचे की स्लाइड्स में पढें, पूरा इंटरव्यू -
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