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Shahrukh Khan Interview: शाहरूख ने रिलीज से पहले ही बताई ''जीरो'' की कहानी, कैटरीना के रोल पर किया अहम खुलासा

अपनी आंखों में एक्टर बनने का ख्वाब लिए तीस साल पहले एक शख्स दिल्ली से मायानगरी मुंबई आया था। उसके पास हीरो जैसा रूप-रंग नहीं था, लेकिन कॉन्फिडेंस में कोई कमी नहीं थी।

Shahrukh Khan Interview: शाहरूख ने रिलीज से पहले ही बताई

अपनी आंखों में एक्टर बनने का ख्वाब लिए तीस साल पहले एक शख्स दिल्ली से मायानगरी मुंबई आया था। उसके पास हीरो जैसा रूप-रंग नहीं था, लेकिन कॉन्फिडेंस में कोई कमी नहीं थी।

धीरे-धीरे उसने एक्टिंग के दम पर अपनी जगह बनाई और बन गया बॉलीवुड का किंग खान। जी हां, हम बात कर रहे हैं शाहरुख खान की। पिछले 25 सालों से वह बॉलीवुड में अपना जादू दर्शकों पर चलाए हुए है।

2 नवंबर को शाहरुख का जन्मदिन था, इस मौके पर उनकी अपकमिंग फिल्म ‘जीरो’ का ट्रेलर भी लॉन्च हुआ। इस फिल्म में वह एक बौने व्यक्ति के किरदार में हैं। पेश है, शाहरुख खान से हुई लंबी बातचीत के चुनिंदा अंश।

आपकी फिल्म ‘जीरो’ का ट्रेलर लॉन्च हो गया है, दर्शकों ने अच्छा रेस्पॉन्स दिया। आपकी रोमांटिक जॉनर की फिल्मों से यह फिल्म कितनी अलग है?

इस फिल्म में रोमांस तो है, लेकिन कहानी और कैरेक्टर बिल्कुल अलग है। हर किरदार की अपनी दुनिया है, अपनी कहानी है। फिल्म में लीड कैरेक्टर बबुआ सिंह का है, जो उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला है।

फिल्म में कैटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा भी हैं। इनके साथ मैंने यशराज बैनर की फिल्म ‘जब तक है जान’ की थी। फिल्म ‘जीरो’ में अनुष्का, आफिया नाम की लड़की का किरदार निभा रही हैं,जिसे सेरेब्रल पाल्सी की प्रॉब्लम है, वह नासा में साइंटिस्ट है।

कैटरीना बबिता नाम की एक फिल्म स्टार बनी है। बबुआ ड्वार्फ यानी बौना है। एक बौने यानी मेरे किरदार बबुआ सिंह का इन दोनों से क्या कनेक्शन? यह फिल्म में देखना इंट्रेस्टिंग होगा। फिल्म के डायरेक्टर आनंद एल राय और राइटर हिमांशु शर्मा हैं।

फिल्म का टाइटल ‘जीरो’ है। इसमें जीरो का क्या मतलब है?

जब आप फिल्म देखेंगी तो टाइटल बिल्कुल सटीक लगेगा। फिल्म में बबुआ अपनी कमियों के बावजूद किस तरह से अपनी लाइफ में हीरो बनता है, यही फिल्म की कहानी है।

अगर अपनी लाइफ की बात करूं तो वह भी जीरो थी यानी मैंने जीरो से ही शुरुआत की थी। मुंबई आया था तो दो जोड़ी कपड़े के अलावा मेरे पास कुछ नहीं था। उस वक्त किसी ने कहा कि मैं हीरो मैटीरियल नहीं हूं।

किसी ने कहा कि मैं बहुत फास्ट बोलता हूं, किसी ने कहा कि मेरा एक्सेंट दिल्ली वाला है। हर दूसरा शख्स मुझे जीरो साबित करने पर तुला था। लेकिन दुनिया भूल जाती है कि जिसके साथ भी जीरो लगा दो, उसकी इंपॉर्टेंस बढ़ जाती है। मुझे खुद पर भरोसा था, यही वजह है कि बॉलीवुड में धीरे-धीरे मैं जीरो से हीरो बनता गया।

क्या फिल्म ‘जीरो’ कोई मैसेज भी देती है?

हर इंसान को ईश्वर कुछ ऐसा हुनर देता है, जो उसे दूसरों से अलग बनाता है। इसके अलावा खुद पर विश्वास रखना भी बहुत जरूरी है। मैं दिल्ली से एक्टिंग करने मुंबई आया लेकिन जब कुछ मेकर्स और लोगों ने मेरी कमियां गिनवाईं तो मेरा खुद पर जो विश्वास था, वह डगमगाया लेकिन मैंने उन कमियों में सुधार किया।

आज भी एक मुकाम पाने के बाद कोई मेरी कमियां गिनवाता है तो मैं उन्हें एक्सेप्ट करता हूं। अपनी गलतियों को ठीक करने की कोशिश करता हूं। इसी तरह फिल्म में अपनी कमियों के बावजूद बबुआ हीरो बनता है।

सुना है कि फिल्म ‘जीरो’ आपकी अब तक की सबसे मुश्किल फिल्म रही?

मुझसे ज्यादा मुश्किल रोल अनुष्का का है। फिल्म में अनुष्का ने एक सेरेब्रल पाल्सी से ग्रस्त पर्सन का रोल किया है। यह ऐसी डिसीज है, जिसके साथ जीना बहुत मुश्किल है। साथ ही कैटरीना ने फिल्म स्टार्स के स्ट्रेस को अच्छे से दिखाया है। मेरा कैरेक्टर एक बौने का है, जो वीएफएक्स टेक्निक का कमाल है।

अनुष्का और कैटरीना के साथ आप पहले ‘जब तक है जान’ फिल्म में काम कर चुके हैं। दोनों एक्ट्रेसेस की ग्रोथ को कैसे देखते हैं?

मैं लकी हूं, जो इन दोनों के साथ ‘जब तक है जान’ के बाद अब फिल्म ‘जीरो’ करने का मौका मिला। दोनों बहुत ही टैलेंटेड हैं। अनुष्का ने मॉडलिंग से एक्टिंग में कदम रखा, एक एक्ट्रेस के तौर पर खुद को साबित किया और फिर एक सफल प्रोड्यूसर बनकर भी दिखाया।

कैटरीना ने भी मॉडलिंग से एक्टिंग का लंबा सफर तय किया है। दोनों से मेरे रिश्ते ऐसे हैं कि मैं दोनों को डांट भी सकता हूं। ‘जीरो’ के दौरान दोनों ने मेरी खूब डांट खाई है।

मैंने अनुष्का से ऑनेस्टी सीखी है। कैटरीना की पर्सनालिटी, सोल दोनों ही ब्यूटीफुल हैं। कई उतार-चढ़ावों को पार कर वह अपना काम कर रही हैं, मैं कैट के जज्बे को सलाम करता हूं।

फिल्म ‘जीरो’ में आपके साथ सलमान खान भी गेस्ट अपीयरेंस में हैं? लंबे समय बाद दोनों साथ नजर आ रहे हैं?

मनु आनंद हमारी फिल्म के सिनेमेटोग्राफर हैं, यह उनकी करामात है। वीएफएक्स टेक्निक पर उनकी अच्छी कमांड है। दर्शकों को ‘जीरो’ के टीजर और ट्रेलर में सलमान की गोदी में बबुआ यानी मुझे देखकर बड़ा मजा आया। सलमान भी इस गाने का पिक्चराइजेशन अलग ढंग से चाहते थे और हमने अलग किया भी।

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