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Remo D''souza Interview: अपने काले रंग को लेकर रेमो को उठानी पड़ी ये भारी कीमत

रेमो डिसूजा बॉलीवुड के फेमस कोरियोग्राफर हैं। पिछले कुछ सालों में वह बतौर डायरेक्टर भी कई फिल्में बना चुके हैं। उनकी डायरेक्टेड लास्ट फिल्म सलमान खान की ‘रेस-3’ थी।

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रेमो डिसूजा बॉलीवुड के फेमस कोरियोग्राफर हैं। पिछले कुछ सालों में वह बतौर डायरेक्टर भी कई फिल्में बना चुके हैं। उनकी डायरेक्टेड लास्ट फिल्म सलमान खान की ‘रेस-3’ थी।

फिल्मों में कोरियोग्राफी और डायरेक्शन करने के साथ वह टीवी पर डांस रियालिटी शो भी जज करते हैं। स्टार प्लस के डांस रियालिटी शो ‘डांस प्लस’ के तीन सीजन रेमो जज कर चुके हैं। एक बार फिर वह डांस शो ‘डांस प्लस-4’ को जज कर रहे हैं।

इस बार आप ‘डांस प्लस’ में क्या नया लेकर आए हैं?

किसी भी हस्ती की तारीफ करना आसान होता है लेकिन उसकी तरक्की के पीछे कितने लोगों का योगदान होता है, यह कम ही लोग जानते हैं। जैसे कि आज मैं जो कुछ भी हूं अपनी मां की वजह से हूं।

लिहाजा इस शो के जरिए मैं अपनी मां को सम्मान देना चाहता हूं, क्योंकि मेरी मां मेरी प्लस यानी हमेशा सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम बनी रहीं। ऐसे ही कई कंटेस्टेंट इस बार शो में आए हैं, जो अपने सपोर्ट सिस्टम के बारे में यानी उस शख्स के बारे में बताएंगे, जिसकी वजह से वे अपने सपनों को पूरा कर पाए।

क्या यह कॉन्सेप्ट इस पूरे शो में कायम रहेगा?

हां, यह शो खासतौर पर उन लोगों को सम्मान देने के लिए है, जिन्होंने एक कलाकार को स्टार और खास बनाने में अपना योगदान दिया है। इस शो में भाग लेने वाला हर कंटेस्टेंट अपने जीवन के प्लस के बारे में यानी सपोर्ट सिस्टम और उनसे जुड़ी दिलचस्प कहानी को डांस के जरिए पेश करेगा।

आपके साथ दो और जज हैं, धर्मेश येलांदे और शक्ति मोहन, उनके बारे में क्या कहेंगे?

दोनों बहुत ही टैलेंटेड डांसर्स हैं। साथ ही उनको अच्छे डांसर्स की परख भी है। धर्मेश और शक्ति काफी स्ट्रगल के बाद इस मुकाम तक पहुंचे हैं, इसलिए उनको पता है मेहनत और टैलेंट क्या होता है। मैं उनके साथ शो को जज करके प्राउड फील करता हूं।

आपको भी अलग मुकाम बनाने के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ा था?

मैं हमेशा से ही डांस की फील्ड में करियर बनाना चाहता था। लेकिन पापा मुझे पायलट बनाना चाहते थे। ऐसे में मुझे मेरी मम्मी का साथ मिला। फिर मैं स्ट्रगल करने के लिए मुंबई चला आया।

यहां मुझे खुद को साबित करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी। वर्ष 1990 की बात है, तब हमारे पास अपना टैलेंट दिखाने के लिए कोई प्लेटफॉर्म नहीं होता था। उस पर मेरा लुक भी बहुत अच्छा नहीं था।

इसलिए मेरा डांस देखे बगैर ही लोग मुझे रिजेक्ट कर देते थे। फिर भी मैंने कभी हार नहीं मानी और मेहनत करता रहा। एक बार जब मुझे बिना डांस देखे एक डांस शो में रिजेक्ट किया गया तो मैंने वहां मौजूद सेलेक्शन करने वाले से कहा कि कम से कम एक बार मेरा डांस देख लीजिए।

अगर डांस ना पंसद आए तो मुझे रिजेक्ट कर दीजिएगा। उस वक्त उन्होंने मेरा डांस देखने के लिए हामी भर दी। उसके बाद मुझे उस डांस ग्रुप के लिए सेलेक्ट कर लिया गया। इसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

कई बच्चे डांस में अलग मुकाम हासिल करने के लिए मुंबई आते हैं, लेकिन असफलता मिलने पर निराश हो जाते हैं। ऐसे बच्चों को क्या सलाह देंगे?

सबसे पहले खुद को चेक करो कि क्या सचमुच तुममें वैसा टैलेंट है कि तुम मुंबई आकर अपनी किस्मत आजमा सको? अगर है तो जरूर मुंबई आओ। इसके बाद ज्यादा से ज्यादा मेहनत करो और अच्छा डांस सीखने की कोशिश करो।

ज्यादातर ऐसा होता है कि आज डांसर्स को थोड़ा बहुत डांस आ जाता है तो वो आगे सीखना ही छोड़ देते हैं। लेकिन इससे करियर को नुकसान होता है। जबकि हमें जिंदगी भर सीखते रहना चाहिए। हमारे शो की जज शक्ति मोहन आज कामयाब डांसर हैं, जजिंग कर रही हैं, फिर भी हर साल नया डांस फॉर्म सीखती हैं।

आपने बतौर कोरियोग्राफर जितनी कामयाबी हासिल की उतनी बतौर डायरेक्टर हासिल नहीं कर पाए। इस बारे में क्या कहेंगे?

कोरियोग्राफी मेरे खून में है। लेकिन डायरेक्शन मैंने सीखा है और उसमें भी मैं असफल नहीं रहा हूं। मैंने तीन फिल्में डायरेक्ट की जिनमें ‘रेस 3’ ने 180 करोड़ का बिजनेस किया। ‘एबीसीडी’ सीरीज की दो फिल्में भी एवेरज रही हैं।

फिर भी आप सच कह रही हैं कि जितनी मुझे बतौर कोरियोग्राफर सफलता मिली है उतनी बतौर निर्देशक नहीं मिली। अब डायरेक्टर के तौर पर मेरी शुरुआत है, आगे मैं अच्छी स्क्रिप्ट पर काम करूंगा और अच्छी फिल्में बनाऊंगा।

क्या कोई ऐसा एक्टर है, जिसको आप कोरियोग्राफ करना चाहते हैं?

हां, आमिर खान को मैं एक बार कोरियोग्राफ करना चाहूंगा। मैंने उनके साथ एक भी फिल्म नहीं की है।

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