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समय रैना ने कश्मीर के उस खौफनाक दौर को याद किया जब उनके नाना को मारने की धमकी मिली थी। जान बचाने में स्थानीय लोगों ने की मदद और रातोंरात छोड़ना पड़ा कश्मीर।

Samay Raina: कॉमेडियन समय रैना ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कश्मीर में 1990 के दशक के उग्रवाद और कश्मीरी पंडितों के पलायन से जुड़ी अपनी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने भी उस दौर का दर्द बेहद करीब से झेला था।

नाना को मिली थी जान से मारने की धमकी

समय रैना ने बताया कि उनके नाना सोमनाथ कौल, जो एक जाने-माने डॉक्टर थे, आतंकियों की हिट लिस्ट में शामिल थे। उन्हें एक चिट्ठी मिली थी, जिसमें साफ लिखा था कि कश्मीर छोड़ दो, वरना जान से मार दिया जाएगा।

परिवार में था डर

इस धमकी के बाद परिवार में डर का माहौल बन गया। समय ने बताया कि यह खबर सुनकर उनकी मां और नानी बेहोश हो गई थी। पूरे परिवार के लिए यह बेहद डरावना समय था।

कश्मीरी मुसलमानों ने बचाई जान

समय रैना ने यह भी बताया कि उनके नाना की इलाके में काफी इज्जत थी, क्योंकि वे कई लोगों का मुफ्त इलाज करते थे। इसी वजह से स्थानीय कश्मीरी मुसलमानों ने उनकी मदद की और सुरक्षित वहां से बाहर निकाल दिया। उन्होंने आतंकियों के सामने भी उनका साथ दिया।

रातोंरात छोड़ना पड़ा घर

हालात इतने खराब हो गए थे कि परिवार को रातोंरात कश्मीर छोड़ना पड़ा। सभी लोग जल्दबाजी में अपना सामान लेकर निकल गए, यह सोचकर कि कुछ दिनों में वापस लौट आएंगे, लेकिन सालों बीत गए और वे कभी वापस नहीं जा सके।

बचपन पर पड़ा गहरा असर

समय रैना ने बताया कि इन घटनाओं का उनके बचपन और मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा। उनकी पीढ़ी के लोग आज भी कश्मीर जाने से डरते हैं और उस दर्द को भूल नहीं पाए हैं।

मां हुई इमोशनल

उन्होंने यह भी बताया कि जब उनकी मां कई सालों बाद कश्मीर गई, तो वहां के हालात देखकर भावुक हो गई और रो पड़ी। उनके लिए वह जगह अब सिर्फ दर्द भरी याद बनकर रह गई है। समय रैना ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के लिए यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक गहरा जख्म है। आज भी उनके दिल में अपने घर की याद और उस दौर का दर्द जिंदा है।

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