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Kashish Khan Interview: ''राणा फ्रॉम हरियाणा'' से लोगों के बीच हरियाणवियों के प्रति गलत इमेज बदलना चाहती हूं

कशिश खान हरियाणा से हैं, वह ‘मिस हरियाणा’ और ‘मिस दिल्ली’ रह चुकी हैं। इसके बाद वह मॉडलिंग में एक्टिव हुईं और बाद में फिल्मों में आईं। अब बतौर प्रोड्यूसर भी काम कर रही हैं।

Kashish Khan Interview:

कशिश खान हरियाणा से हैं, वह ‘मिस हरियाणा’ और ‘मिस दिल्ली’ रह चुकी हैं। इसके बाद वह मॉडलिंग में एक्टिव हुईं और बाद में फिल्मों में आईं। अब बतौर प्रोड्यूसर भी काम कर रही हैं।

कशिश सोशल वर्क भी करती रही हैं, वह हरियाणा की लड़कियों और महिलाओं की भलाई के लिए अपनी मां बशीरी खान के साथ मिलकर एनजीओ चलाती हैं। इन दिनों कशिश बतौर प्रोड्यूसर एक फिल्म ‘राणा फ्रॉम हरियाणा’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म को कोरियोग्राफर टर्न डायरेक्टर प्रभुदेवा डायरेक्ट करेंगे।

आपने तो करियर की शुरुआत एक्ट्रेस के तौर पर की थी? फिर प्रोड्यूसर कैसे बन गईं?

बात सही है। मैंने मॉडलिंग की है। सौ से ज्यादा म्यूजिक वीडियो में काम किया है। ‘मुंबई टू गोवा’, ‘बाबर’, ‘अंडर ट्रायल’ के साथ एक दर्जन फिल्मों में काम किया। लेकिन अब मैं सोशल वर्कर और फिल्म प्रोड्यूसर की हैसियत से अपने हरियाणा के लिए कुछ करना चाहती थी।

मैं हरियाणा के टैलेंट को एक प्लेटफॉर्म देने की कोशिश कर रही हूं। मैं ‘राणा फ्रॉम हरियाणा’ के अलावा तीन फिल्में अपनी कंपनी कशिश खान प्रोडक्शन के तहत बना रही हूं तो वहीं ओमप्रकाश भट्ट और प्रेरणा अरोड़ा के साथ मिलकर एक नई कंपनी स्टूडियो फाइव एलीमेंट के तहत ‘राधा क्यों गोरी, मैं क्यों काला’ के अलावा पांच फिल्में बना रही हूं।

आप किस तरह की फिल्में बनाना चाहती हैं?

मुझे कहानियां सुनाना पसंद है। लेकिन मैं वो कहानियां सुनाना चाहती हूं, जो कि रोचक, मनोरंजक होने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और भावनाओं से भरी हों। कहानी में इंसानी और पारिवारिक रिश्तें भी हों। फिलहाल मैं जितनी भी फिल्में बना रही हूं, उनकी कहानियां इसी आधार पर चुनी हैं।

फिल्म ‘राणा फ्रॉम हरियाणा’ के बारे में कुछ बताइए?

यह फिल्म हरियाणा की सभ्यता, संस्कृति को उजागर करने वाली फिल्म है। इसमें हरियाणा से जुड़े घटनाक्रमों को पेश किया जाएगा। इसे हम हरियाणा में ही फिल्माने जा रहे हैं। हम इस फिल्म की शूटिंग अब तक खत्म कर लेना चाहते थे।

लेकिन सलमान खान की वजह से डेट की समस्या हो गई। ‘राणा फ्रॉम हरियाणा’ एक ऐसी लव स्टोरी है, जिसमें हरियाणा का पूरा कल्चर नजर आएगा। मैं इस फिल्म के जरिए पूरे विश्व के समाने एक हरियाणवी बंदे का पूरा एटीट्यूट पेश करना चाहती हूं।

भारत ही नहीं विदेशों में भी हरियाणा के लोगों की इमेज है कि वे बहुत अक्खड़ होते हैं तो मैं लोगों को बताना चाहती हूं कि उनके बोलने का अंदाज ऐसा है, लेकिन वह दिल के बहुत नेक और दयालु इंसान होते हैं।

हरियाणवी इंसान हर किसी की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है। लोग सोचते हैं कि इसको किसी से प्यार नहीं हो सकता लेकिन हमारी फिल्म में बहुत खूबसूरत लव स्टोरी है।

हरियाणा में सिनेमा को लेकर लोग उदासीन क्यों हैं?

इस दिशा में सरकार ने भी कुछ नहीं किया है। इसके अलावा सुभाष घई, ओमपुरी के अलावा कुछ लोग हरियाणा से निकलकर बॉलीवुड पहुंचे, लेकिन वह हरियाणा को भूल गए।

मैं मुंबई में रहते हुए भी हर दो महीने में हरियाणा जाती हूं और हरियाणा में सिनेमा, ट्यूरिजम के लिए काम करती हूं। इसी सिलसिले में मैंने हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर जी से भी मुलाकात की थी।

आपकी एक और फिल्म ‘राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला’ भी हैं, यह किस तरह की फिल्म है।

यह फिल्म एक सत्य कथा पर आधारित है। फिल्म की कहानी रोमानिया से शुरू होती है और मथुरा पहुंचती है। यह उस लड़की की कहानी है, जो बचपन से ही कृष्ण की भक्त होती है।

कृष्ण भक्ति के कारण वह मथुरा आती है। हमारी इस फिल्म में इस बात को रेखांकित किया गया हैं कि तमाम औरतों के साथ रेप के अलावा कुछ हादसें हो जाते हैं। कुछ को न्याय मिलता है, कुछ को न्याय नहीं मिल पाता।

हमारी फिल्म की कहानी ऐसी औरतों की है, जिनको न्याय नहीं मिला। तो ऐसी हमारी नायिका कृष्ण भक्त है, जिसके साथ हादसा हो जाता है। लेकिन उसका भगवान पर से विश्वास नहीं खत्म होता। वह एक नई जिंदगी शुरू करती है।

हमारी फिल्म संदेश देती है कि हर इंसान को, चाहे वह औरत ही क्यों ना हो, जिंदगी में आने वाली हर मुसीबत से लड़ना चाहिए। यह फिल्म औरतों से कहती है कि आपके साथ जो कुछ होता है, उसे सहो मत। उसके खिलाफ आवाज उठाओ। एक हादसा आपकी जिंदगी खत्म नहीं करता, बल्कि एक नई जिंदगी जियो।

इन दिनों ‘मी टू मूवमेंट’ चल रहा है। इस पर कशिश खान क्या सोचती है?

‘मैं इस मूवमेंट को एक हद तक सपोर्ट करती हूं। लेकिन कोई इसका दुरुपयोग कर रहा है तो उसके खिलाफ हूं। किसी पर झूठे आरोप भी नहीं लगाने चाहिए। अगर आपके साथ गलत होता है तो आप अपराधी को सजा दिलाइए।

लेकिन उसी वक्त कदम उठाना चाहिए। दस साल बाद कोई आकर किस मकसद से आवाज उठा रहा है, मेरी समझ से परे है। देखिए, कुछ लोग हद पार कर जाते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए समय सीमा होनी चाहिए। किसी फायदे के लिए आप उस समय चुप रहीं, बाद में आवाज उठाए तो गलत है।’

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