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मां की पुण्यतिथी पर संजय दत्त ने नम आंखो से नर्गिस को किया याद, शेयर किया इमोशनल पोस्ट

मां नर्गिस को याद कर संजय दत्त ने शेयर किया इमोशनल पोस्ट। बोले, ऐसा एक दिन भी नहीं गया जब मैने आप को याद नहीं किया.....

Sanjay Dutt remembers his mother, shared an emotional post
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मां की पुण्यतिथी पर संजय दत्त  शेयर किया इमोशनल पोस्ट 


बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर संजय दत्त (Sanjay Dutt) की मां नरगिस (Nargis) की आज पुन्यतिथि है। नरगिस को गए हुए आज 40 साल हो गए है उनका निधन आज ही के दिन 3 मई 1981 में हुआ था। जैसे की हर बेटा अपनी मां के बहुत करीब होता है ठीक वैसे ही संजय दत्त भी अपनी मां नरगिस के बहुत करीब थे। वह अपने जीवन से जुड़ी हर छोटी बड़ी बात को उनके साथ शेयर किया करते थे। नरगिस का निधन कैंसर की बीमारी के चलते हुआ था। तो आज नरगिस की पुन्यतिथि पर उनके बेटे ने अपनी मां लिए एक खास ट्वीट किया है। संजय दत्त ने आज अपनी मां के साथ अपनी एक तस्वीर को शेयर करते हुए एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट से आप अंदाजा लगा सकते है कि संजय अपनी मां को लेकर कितना इमोशनल है।

संजय दत्त ने अपने इस खास ट्वीट में लिखा 'ऐसा एक दिन नहीं गुजरता जब आपकी याद न आए मां, मैं आज भी आपको बहुत मिस करता हूं'। एक्टर ने इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक तस्वीर को भी शेयर किया है। इस तस्वीर में संजय दत्त अपनी मां नरगिस के साथ नजर आ रहे है। यह ब्लैक एंड व्हाइट फोटो है जिसमें वो महज 3 या 4 साल के रहे होंगे। नरगिस, संजय दत्त को सबसे ज्यादा मानती थीं, और हमेशा उनके बारे में ही सोचा करती थी। बताया जाता है कि नरगिस कभी संजय को बोर्डिंग स्कूल नहीं भेजना चाहती थीं। वो चाहती थीं कि पूरा परिवार एक ही घर में रहे। पर सुनील दत्त का मानना था कि बाहर जाकर संजय को दूसरे बच्चों के साथ मिलकर रहना चाहिए जहां उसे एहसास न हो कि वो कितने बड़े घर का लड़का है। जहां वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे और एक अच्छा इंसान बनकर घर लौटे।

लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर था। हम लाख अच्छा चाहे पर होता वहीं है जो हमारी किस्मत में लिखा होता है। संजय दत्त को हिमाचल प्रदेश में एक निजी बोर्डिंग स्कूल भेजा गया। शिमला का लॉरेंस स्कूल, सनावर, भारत के सबसे बड़े बोर्डिंग स्कूलो में से एक था। संजय दत्त को यहां पढ़ाई के साथ-साथ नशे की लत लग गई। जहां एक ओर नर्गिस अपने बेटे की इस लत के बारें मे सब कुछ जानती थी वहीं पिता सुनील दत्त संजय की इस आदत से बिल्कुल अंजान थे। स्कूल से आए हुए फोन को हमेशा नरगिस उठाया करती थीं। स्कूल वाले उनके बारे में बाते बताया करते थे। लेकिन नरगिस को लगा कि संजय संजय छोटे हैं और बचपन में हर कोई शरारत तो करता ही है। फिर नरगिस की तबीयत बिगड़ी पर उन्हें घर बुला लिया गया और नरगिस के निधन के बाद सभी को इस संजय के नशे की लत बारे में पता चल गया। फिर एक समय ऐसा आया जब संजय भी इन सब चीजों से दूर हो जाने के बारें में सोचने लगे। इसके लिए उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त से मदद मांगी। जिसके बाद उन्हें इस लत से छुटकारा दिलवाने के लिए 15 दिनों के अंदर अमेरिका के रिहाब सेंटर में भेज दिया गया।

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