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Interview : 'छवि पांडे' ने बतया हसबैंड कौन सी तीन क्वालिटीज होनी चाहिए

पूनम पांडेय | UPDATED Mar 9 2019 1:18PM IST
Interview : 'छवि पांडे' ने बतया हसबैंड कौन सी तीन क्वालिटीज होनी चाहिए

छवि पांडे ने सीरियल ‘तेरी मेरी लव स्टोरीज’ से छोटे पर कदम रखा था। इसके बाद सीरियल ‘एक बूंद इश्क’ में तारा का किरदार निभाकर उन्होंने अपनी पहचान बनाई। फिर छवि ने कई सीरियल्स में अलग-अलग किरदार निभाकर अपनी पहचान बढ़ाई। इन दिनों छवि सीरियल ‘लेडीज स्पेशल’ सीजन-2 में प्रार्थना कश्यप की भूमिका में नजर आ रही हैं। हाल ही में छवि पांडे से इस सीरियल से जुड़ी लंबी बातचीत हुई। पेश है, बातचीत के प्रमुख अंश-

सीरियल ‘लेडीज स्पेशल’ सीजन-2 की स्टोरी लाइन और इसकी खासियत क्या है?

इस सीरियल का कॉन्सेप्ट बहुत ही रियलिस्टिक है। इसमें अहम तीन किरदार हैं, बिंदू देसाई, मेघना निकाड़े और प्रार्थना कश्यप। एक महाराष्ट्रीयन, दूसरी गुजराती और तीसरी बिहार से है। तीनों की एक-दूसरे से मुलाकात मुंबई में चलने वाली लोकल ट्रेन लेडीज स्पेशल में होती है। आम लोगों की तरह उनकी लाइफ में भी अप्स एंड डाउन हैं। मेरे मुताबिक सीरियल की खासियत इसकी कास्टिंग है। गुजराती किरदार के लिए गुजराती एक्ट्रेस, मराठी किरदार के लिए मराठी एक्ट्रेस तो नॉर्थ इंडियन किरदार के लिए पटना की एक्ट्रेस की कास्टिंग की गई है ताकि तीनों ही अपने कल्चर को अपने अभिनय के माध्यम से दिखा सकें। 

अपने किरदार के बारे में कुछ और बताइए?

सीरियल में मैं प्रार्थना कश्यप का किरदार प्ले कर रही हूं, जो पटना से है। वह एक ऐसी लड़की है, जिसके कंधे पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। वह हंसी-खुशी अपनी फैमिली की जिम्मेदारी को लेकर आगे बढ़ रही है। लेकिन कहीं ना कहीं, परिवार की जिम्मेदारी के चलते प्रार्थना अपनी खुशियों और शादी को भूल सी गई है। स्मॉल टाउन में ऐसे कई घर मिल जाएंगे, जहां लड़कियां पहले दूसरों की खुशी के बारे में सोचती हैं फिर अपनी। मेरी मां ने भी खुद मेरी परवरिश इसी तरह की है। 

प्रार्थना कश्यप की तरह लाइफ में आपको कभी ऐसी सिचुएशन फेस करनी पड़े तो आप क्या करेंगी?

प्रार्थना की तरह मेरी जिंदगी में भी कभी ऐसा होता है कि परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधे पर आ जाए, तो मैं भी खुशी-खुशी यह जिम्मेदारी उठाऊंगी। मेरी फर्स्ट प्रायोरिटी फैमिली होगी और सेकेंड प्रायोरिटी मेरी अपनी जिंदगी और खुशी होगी। मैं अपने पैरेंट्स को कभी अकेला नहीं छोड़ सकती। लोग कहते हैं, शादी के बाद लड़कियां ससुराल चली जाती हैं, लड़के ही बुढ़ापे का सहारा होते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि बेटियां भी अपने माता-पिता की जिम्मेदारी बखूबी निभा सकती हैं। मैं खुद को भी उन्हीं में से एक देखती हूं। 

सीरियल में प्रार्थना और विराज के बीच बढ़ती दोस्ती क्या प्यार में तब्दील होगी?

फिलहाल विराज तो पूरी तरह से प्रार्थना के प्यार में पागल है। वहीं प्रार्थना, विराज के लिए सॉफ्ट कॉर्नर रखती है। ऐसा होने की सबसे बड़ी वजह है, विराज का सिंपल और सुलझा हुआ व्यक्तित्व। वह प्रार्थना को समझता है, उसके चिड़चिड़ेपन को दूर करना जानता है, उसे हंसाना जानता है। इस तरह विराज धीरे-धीरे प्रार्थना की जिंदगी को खुशियों से भर रहा है। ऐसे में प्रार्थना का विराज के लिए झुकाव लाजमी है। आगे चलकर उनकी दोस्ती का रिश्ता प्यार में तब्दील होगा या नहीं, यह तो अभी तक तय नहीं है। 

सीरियल में कहानी लेडीज लोकल पर बेस्ड है। क्या आपने लोकल ट्रेन में सफर किया है, कैसा अनुभव रहा? 

सच कहूं तो मैंने कभी पहले लोकल ट्रेन में सफर नहीं किया था। जब मैं मुंबई आई तो मेरे पैरेंट्स को लगता था कि उनकी बेटी लोकल ट्रेन की भीड़-भाड़ में रास्ता भूल जाएगी। इसलिए उन्होंने मुझे हमेशा ऑटो से सफर करने को कहा। लेकिन जब मैंने यह सीरियल साइन किया और लोकल ट्रेन से सफर किया तो उस दिन मुझे बहुत मजा आया। 

प्रार्थना की तरह कई ऐसी लड़कियां हैं, जो किसी वजह से शादी नहीं कर पाती हैं। आपको नहीं लगता, अकेले जिंदगी काटना मुश्किल है? 

बिल्कुल, अकेली जिंदगी बिताना बहुत मुश्किल है क्योंकि उम्र के एक पड़ाव पर अपना सुख-दुख बांटने के लिए साथी की जरूरत पड़ती है। लेकिन इस बात की भी क्या गारंटी है कि शादी के बाद आपका जीवन सुखी हो। आज कई ऐसे लोग हैं, जो शादी के कुछ साल बाद ही डाइवोर्स ले लेते हैं। इसलिए मुझे लगता है, खुशी का माध्यम शादी नहीं होना चाहिए। हां, अगर आपकी नजर में कोई है, आप उससे शादी करना चाहते हैं तो बेशक करें लेकिन आपको लगता है, आप अकेले ज्यादा खुश हैं, तो किसी दूसरे के दबाव में आकर शादी के रिश्ते में न बंधें। 

हसबैंड में हों ये तीन क्वालिटीज

छवि पांडे से यह पूछने पर कि रियल लाइफ में वह अपने हसबैंड में कौन-सी क्वालिटी चाहती हैं, तो उनका जवाब होता है,‘मैं अपने होने वाले पति में तीन क्वालिटी विशेष रूप से चाहूंगी। पहली यह कि वो सिर्फ मेरी ही नहीं, सारी महिलाओं की इज्जत करे। दूसरा अगर रिश्ते में कमिटेड है तो लॉयल रहे, एक्सट्रा मैरिटल अफेयर ना हो और तीसरी झूठ ना बोले, रिश्ते को लेकर ट्रांसपेरेंट रहे। आखिरी एक और बात, वह दोस्त बनकर रहे तो रिलेशनशिप और भी हेल्दी रहेगी।’


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