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अंकिता शर्मा ने हाई क्लास और मिडिल क्लास फैमिली के बताए फर्क, ''बीचवाले बापू'' ने दिया जीने का मंत्र

एक्ट्रेस अंकिता मयंक शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत ‘अगले जन्म मोहे बिटिया ही कीजो’ सीरियल में रत्ना का किरदार निभाकर की थी।

अंकिता शर्मा ने हाई क्लास और मिडिल क्लास फैमिली के बताए फर्क,

एक्ट्रेस अंकिता मयंक शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत ‘अगले जन्म मोहे बिटिया ही कीजो’ सीरियल में रत्ना का किरदार निभाकर की थी। उसके बाद वह ‘बात हमारी पक्की है’, ‘चक्रवर्ती सम्राट अशोक’, ‘कुछ तो है तेरे मेरे दरमियां’, ‘देवांनशी’ जैसे कई सीरियल्स में नजर आर्इं। इन दिनों अंकिता सब टीवी के नए सीरियल ‘बीच वाले बापू देख रहा है’ में पहली बार कॉमेडी करती नजर आ रही हैं।

सीरियल ‘बीचवाले बापू देख रहा है’ में अपने किरदार के बारे में कुछ बताइए?

यह किरदार बहुत चुलबुला-शरारती है लेकिन फैमिली वैल्यूज को मानने वाला भी है। मेरा कैरेक्टर शीतल मिडिल क्लास से बिलॉन्ग जरूर करता है लेकिन उसे हमेशा बहुत हाई क्लास की चीजें पसंद आती हैं।

वह बहुत दिखावटी भी है। जैसे किटी पार्टी में जाती है तो आईफोन लेकर जाती है, जबकि उसका आईफोन सेंकेड हैंड है, लेकिन सबको बताती है कि मैंने नया फोन खरीदा है। जब लोग कहते हैं कि इसमें तो स्क्रैचेज लगे हैं तो बोलती हैं कि हां वो मेरी डायमंड रिंग से लग गए हैं। बहुत ही मजेदार किरदार है।

आप असल जिंदगी में अपने किरदार शीतल के कितने करीब हैं?

मैं अपनी असल जिंदगी में बिल्कुल भी ब्रांड कॉन्शस नहीं हूं। मुझे लगता है कि जो ड्रेस पहनकर में अच्छी लगूं, आरामदायक महसूस करूं वही लेना चाहिए बजाय किसी ब्रांड के पीछे भागने के।

यह ऐसा प्वाइंट है, जो शीतल और अंकिता में सबसे बड़ा डिफरेंस क्रिएट करता है। दूसरी बात यह कि मैं शीतल के उलट बहुत ही साफ बोलती हूं। इस तरह मैं शीतल के करीब तो नहीं हूं। हां, मुझे शीतल का रोल प्ले करते हुए मजा जरूर आता है।

‘बीचवाले बापू देख रहा है’ में पूरा परिवार गांधी जी के उसूलों और सिद्धांतों को मानता है। आज तो गांधी जी के नाम और सिद्धांतों की राजनीति खूब हो रही है। आपको क्या लगता है कि आज भी गांधी जी के विचार लोग मानते हैं?

मुझे लगता है कि गांधी जी का सिर्फ नाम ही नहीं है बल्कि उन्होंने जो काम किए हैं, शिक्षाएं दी हैं, वे लोगों के दिलों में आज भी कायम हैं। कहीं न कहीं हर इंसान के मन में ईमान होता है जो उसे बताता है कि क्या सही है और क्या गलत है? लोग शांति से अपना जीवन जीना चाहते हैं, यह बात गांधी जी की शिक्षाएं हमें बताती हैं।

आप खुद गांधीजी के विचारों से कितनी प्रभावित हैं?

गांधी जी सभी धर्मों को समान भाव से देखते थे। मैं भी बहुत हद तक इस बात में बिलीव करती हूं। मुझे भी लगता है कि हर धर्म की अपनी सुंदरता है। कई बार राजनीति के नाम पर बहुत सारे खेल खेले जाते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि अगर सभी लोग मिल-जुलकर रहें तो हमारी दुनिया बहुत खूबसूरत हो जाएगी।

सीरियल में जो बीचवाले हैं वह मिडिल क्लास का प्रतीक हैं। आपकी नजर में हमारा मिडिल क्लास आज किस तरह का हो गया है?

जैसा हमारे सीरियल में दिखाया जा रहा है, मुझे लगता है कि हमारा मिडिल क्लास वैसा ही है। छोटी-छोटी चीजों में वो आज भी खुशियां तलाश लेता है। दिवाली के बोनस से कैसे पूरे घर को खुशियां दी जाएं, आज भी घर के बड़े यह सोचते हैं।

कैसे प्यारे-प्यारे ग्रीटिंग बनाकर अपने माता-पिता और भाई-बहनों को खुश किया जाए, यह बच्चे सोचते हैं। यह जो छोटी-छोटी चीजें हैं, छोटी-छोटी खुशियां हैं, मुझे लगता है कि वो मिडिल क्लास फैमिली की यूएसपी है, उनकी खासियत है। यही मिडिल क्लास फैमिली है, जो अभाव में भी हंसना, खुश होना जानती है।

ऐसा कौन-सा जॉनर है, जिसमें आप आगे काम करना चाहती हैं?

हालांकि अभी मुझे कॉमेडी बहुत पसंद आ रही है। लेकिन मैं रियालिटी शोज में भी कुछ करना चाहूंगी। पहले मैंने कभी सोचा नहीं था कि रियालिटी शो करना है। लेकिन अब अगर मुझे आगे कभी मौका मिले तो मैं कोई डांस रियालिटी शो करना चाहूंगी।

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